जंगली हाथी के हमले से चौथी मौत, वनवासियों में दहशत

जंगली हाथी के हमले से चौथी मौत, वनवासियों में दहशत

samacharvani.com
0

अंबिकापुर 

(समाचारवाणी) 

बलरामपुर जिले में हाथियों का आतंक से दहशत का माहौल बना हुआ है। बलरामपुर जिले के पस्ता थाना के ग्राम घाघरा में हाथी के हमले से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं अन्य ग्रामीणों ने भाग कर अपनी जान बचाई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वन अमले ने मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की और परिजनों को 25 हज़ार मुआवजा दिया ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कोचली निवासी दिनेश गोंड पिता महेंद्र गोंड (35) तीन अन्य ग्रामीणों के साथ धान और मक्का की फसल की रखवाली करने गया था।उसकी  जानकारी के मुताबिक, कोदौरा वन सर्किल के घाघरा गांव के रहने वाले दिनेश पोया (35) अपने दो साथियों रामकरण गोंड़ (40) और रोहित नागवंशी (24) के साथ मक्के की फसल में पानी देने के लिए सुबह करीब 5 बजे खेत में गए थे। मक्के के खेत में तड़के तीन बजे से एक हाथी घुसा हुआ था।

सुबह पांच बजे दिनेश पोया मक्का की फसल में पानी पटा रहे थे इसी दौरान वह हाथी की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाकी अन्य दो ग्रामीण रामकरण, रोहित ने भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन वे भागने में गिरकर घायल भी हुए।।घटना की सूचना मिलते ही पस्ता और डौरा पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला स्वास्थ्य केंद्र बलरामपुर भेजवाया। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। 

एक सप्ताह में चार मौत, हाथियों की निगरानी पर उठे सवाल 

हाल ही में दो हाथी आकर रामानुजगंज में महिला सहित दो लोंगो पर हमला किया था। दोनो की मौत हो गई थी इसके बाद एक हाथी शंकरगढ़ के सिलियारिकोना पहुंचकर एक महिला के ऊपर हमला कर दिया महिला की मौके पर ही मौत हो गई। आज सेमरसोत के गांव में मक्के की फसल निगरानी करते एक ग्रामीण फिर हाथियों के चपेट में प्राण गवां बैठा। लगातार चौथी मौत ने इलाके को सिहरा दिया है।बलरामपुर जिले में हाथी के हमले में 4 दिन में यह चौथी मौत है। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम फुलवार में सोमवार शाम हाथी ने दंपत्ति पर हमला कर दिया था। हाथी ने महिला अस्मीना अंसारी के हाथ उखाड़ दिए थे। जिसकी अंबिकापुर में मौत हो गई।उसका पति उस्मान अंसारी घायल है।ग्राम फुलवार में हमले के बाद हाथी रामपुर पहुंच गया। तड़के करीब 3 बजे महुआ बीनने के लिए खेत में गए दुर्गा प्रसाद (48) को पटक-पटककर मार डाला। दुर्गा प्रसाद अंबिकापुर कमिश्नर आफिस का प्यून था। जबकि, बुधवार को सुबह शंकरगढ़ इलाके में एक जंगली हाथी ने महुआ बीनने गई पहाड़ी कोरवा महिला गिद्दी कोरवा (50) को मार डाला था। वो अपने पति सुखू लाल कोरवा और ग्रामीणों के साथ जंगल महुआ बीनने गई थी।

महुआ फूल का सीजन और वनपुत्रों पर खतरा 

 पूरे बलरामपुर जिले में इन दोनों जंगली इलाकों में ग्रामीण और पहाड़ी कोरबा आदिवासी परिवार जंगलों में महुआ एकत्र करने जाते हैं।सुबह 3:00 बजे से ही पूरा कुनबा पेड़ों के नीचे महुआ फूल एकत्र करता है और दोपहर में वे महुआ फूल लेकर घर वापस लौटते हैं।महुआ की गंध हाथियों को अपनी ओर आकर्षित करती है और वह महुआ बीनने वाले ग्रामीणों को अपना निशाना बना रहे हैं।इन दिनों क्षेत्र में सात हाथियों के साथ दो हाथी दल से बिछड़े हुए हैं जो अलग-अलग स्थान पर विचरण कर रहे हैं। वन विभाग का निगरानी दस्ता उनके वास्तविक लोकेशन का पता कर ग्रामीणों को सचेत करता है। लेकिन इन चार मौत के मामलों में सम्बंधित निगरानी में लगे वन अमले की निष्क्रियता साफ नजर आ रही है। जंगल में हाथी मौजूद होने के बाद भी महुआ बीनने वाले वनवासियों को सचेत नहीं किया जाना निगरानी की ओर प्रश्न चिन्ह है।बताया जा रहा है कि सेमरसोत इलाके के  कुछ वन अधिकारी बलरामपुर या अंबिकापुर निवास करते हैं और मैदानी अमला ग्रामीणों को सचेत करने में असफल प्रतीत हो रहा है।



Samachar vani news 

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)