मेडिकल स्टोर संचालक ने किया महिला का आपरेशन, स्थिति गंभीर

मेडिकल स्टोर संचालक ने किया महिला का आपरेशन, स्थिति गंभीर

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बलरामपुर (समाचारवाणी) 

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. वाडरफनगर ब्लॉक के पंडरी में मेडिकल संचालक ने ऐसा कारनामा किया है, जो किसी के होश उड़ा देगा. मेडिकल संचालक ने पाइल्स से पीड़ित हरिगवा गांव की रहने वाली एक महिला  का ऑपरेशन कर दिया. इसके बाद महिला को राहत मिलने के बजाय उसकी तबीयत बिगड़ते चली गई. अब महिला के परिजनों ने गंभीर अवस्था में उसे अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था.

मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला अंबिकापुर से इलाज़ करा कर अपने घर लौटी. वहीं पुलिस ने अब मामले को संज्ञान में लेते हुए मेडिकल संचालक की पतासाजी शुरू कर दी है.

पुलिस कर सकती है कार्रवाई

दरअसल महीने पहले रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के हरिगवा गांव की रहने वाली महिला पंडरी में संचालित गुप्ता मेडिकल स्टोर संचालक के संपर्क में थी. चर्चा है कि संचालक राजू गुप्ता डॉक्टर बन कर इलाज़ भी करता था.महिला के पाइल्स का इलाज मेडिकल संचालक कर रहा था. इलाज के दौरान मेडिकल संचालक ने कथित तौर पर महिला के पाइल्स का ऑपरेशन किया था. इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई. महिला को उसके पति की मौजूदगी में 23 हज़ार रुपए लेकर बिना anasthisia के  मेडिकल स्टोर में ही ऑपरेशन कर दिया। हालत गंभीर हो  जाने पर मल्टीविटामिन, दर्द का इंजेक्शन भी  दिया गया था। इसके बाद महिला के परिजनों ने उसको गंभीर अवस्था में अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. मिशन हॉस्पिटल में भर्ती करा इलाज़ कराया गया और दो लाख रुपए खर्च कर उसकी जान बची. वापस घर लौटी महिला की हालत अभी तक ठीक नहीं है.

बलरामपुर ज़िले में स्वास्थ्य सुविधा बेहाल 

बलरामपुर जिले में बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति ठीक नहीं है. मानसून आते ही मौसमी बीमारियां और संक्रामक रोग पैर पसारने लगते हैं और दूर दराज के ग्रामीण अंचलों में झोला छाप डॉक्टर सक्रिय हो जाते हैं. इन झोलाछाप डॉक्टर ने गांव गांव में अपना प्रभाव बना रखा है. कई स्थानों पर नीम हकीम और झोलाछाप डॉक्टरों ने दवाई दुकान के साथ डॉक्टरी का भी काम शुरू कर दिया है और मेडिकल स्टोर पर बगल के कमरे में वह डॉक्टर बनकर मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हैं. इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास कोई वैध डिग्री नहीं है और यह सिर्फ दवा के नाम जानते हैं .बलरामपुर राजपुर, शंकरगढ़ ,कुसमी, सामरी चांदो बरियो ककना, भदार , कमारी, पस्ता बासेन, कोचली दौरा ,गोपालपुर ,आरागही तातापानी ,रामचंद्रपुर, सनावल बलांगी, वाड्रफनगर के कई इलाके  में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आ गई है. स्थानीय बीएमओ या स्वास्थ्य अमला उन पर कोई कार्रवाई नहीं करता और इनके संरक्षण में इन फर्जी चिकित्सकों का व्यापार फल फूल रहा है. कई स्थानों पर मेडिकल शॉप संचालकों ने अवैध लैब भी खोल रखा है जिसमें ब्लड यूरीन की जांच से लेकर सभी जांच अधिक दामों पर किए जा रहे हैं. इनके चंगुल में भोली भाली ग्रामीण फसते जा रहे हैं ,और कुछ मरीज डॉक्टर की फीस न दे पाने के चलते मेडिकल शॉप में जाते हैं और वहां से इलाज करते हैं. कई स्थानों पर सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारी भी गांव में डॉक्टर बनकर प्रेक्टिस कर रहे हैं और इनके ब्लॉक मुख्यालय से दूरी होने के चलते इन्होंने अपना इलाका तय कर रखा है, जहां से हर महीने एक निश्चित रकम ऊपर पहुंचा दी जाती है. ड्रग विभाग, स्वास्थ्य अमला, और स्थानीय प्रशासन गांव में फैले इन फर्जी चिकित्सकों पर कोई कार्यवाही नहीं करते और ग्रामीण इलाकों में अंधाधुंध एंटीबायोटिक और प्रतिबंधित दावों का इस्तेमाल कर मरीजों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. कई स्थानों पर झोलाछाप डॉक्टर और मेडिकल संचालक छोटे-मोटे ऑपरेशन और इलाज स्वयं करने लगते हैं जिससे मामला बिगड़ने लगता है। अंबिकापुर एवं ब्लॉक मुख्यालय के कुछ निजी चिकित्सालय भी कमीशन एजेंट तय कर मरीज को लाने के लिए एंबुलेंस संचालक और मेडिकल संचालकों की सेवा कमीशन से लेते हैं।

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