राजपुर (बलरामपुर)
समाचारवाणी
राजपुर वन परिक्षेत्र के अलखडीहा वन क्षेत्र के भेड़ाघाट में जंगली हाथी ने बीती रात संजय खाखा का कच्चा मकान तोड़ दिया एवं एक बैल को मारकर घायल कर दिया है क्षेत्र में विचरण कर रहे दो दंतेल हाथियों से आम जनों में दहशत का वातावरण है। बीती रात अलखडीहा कई धान और मक्का खेतों को हाथी ने नुकसान पहुंचाया है। राजपुर का वन अमला निगरानी दल ने हाथियों की संभावित मार्ग को देखते हुए आसपास के इलाकों को सतर्क कर दिया गया है। आज हाथी अलखड़ीहा के जंगल में मौजूद है। रोज़ की बारिश और अँधेरे में हाथियों के आगमन से ग्रामीण सतर्क नहीं हो पा रहे हैं। भोजन की तलाश में हाथी घर तोड़ रहे हैं, वहीं तेज शोर, ग्रामीणों की तेज़ आवाज़ से हाथी गुस्से में मवेशीयों को निशाना बना रहे हैं।
जनपद सदस्य नीरज तिवारी ने आज प्रभावित ग्रामों का दौरा किया और किसानो से मुलाक़ात की.इन्होंने वन विभाग, डी. एफ.ओ. से हाथी विचरण की सूचना प्रसारित करने, मोबाइल एलर्ट ज़ारी करने की मांग की. इन्होंने कहा कि विगत कुछ दिनों से हाथियों का आना जाना चार पांच पंचायतों के विभिन्न बस्तियों में हो रहा है। ये सभी क्षेत्र हाथियों के आवागमन का पुराना मार्ग है।दो हाथी अपने दल से बिछड़े हुए है, ऐसा वन विभाग के अफसरों का कहना है। हाथी प्रभावित क्षेत्र में लाइट नहीं रहने से अंधेरा पसरा रहता है, जिससे हाथी जंगल व खेतों से रात के अंधेरे में बस्ती तक पहुंच घरों को वहां आस पास बैठे मवेशियों को भी हानि पहुंचा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र में भ्रमण करने पर ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के 24 घंटे से भी अधिक समय तक लाइट काट दिया जाता है। विद्युत विभाग के कर्मचारियों से ग्रामीण अगर संपर्क करते हैं तो कर्मचारियों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बंद कराया गया बताया जाता है। वहीं वन विभाग के अधिकारी बिजली बंद करने जैसे किसी भी तरह की बात से इंकार करते हैं । उनका कहना है कि विद्युत विभाग को जंगलों में हाथी को नुकसान पहुंचाने ग्रामीणों द्वारा अवैध हुकिंग की जाती है उसको निकालने हेतु सूचना दी गई है।ग्रामीणों में विद्युत विभाग के ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण भी रोष है।
![]() |
| वन अधिकारी राजपुर के हाथी प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को समझाइश देकर हथियों को न छेड़ने की बात कर रहे हैं.. |






