जशपुर के पुलिस कप्तान की बड़ी कार्यवाही, कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच पुलिस आरक्षकों पर गिरी गाज

जशपुर के पुलिस कप्तान की बड़ी कार्यवाही, कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच पुलिस आरक्षकों पर गिरी गाज

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 बिना सूचना के लंबे समय तक गैर हाज़िर रहने के आदी ,पांच आरक्षकों में से तीन को विभागिय जांच के उपरांत किया सेवा से पृथक,शेष दो आरक्षकों को सेवा पुस्तिका के अवलोकन के पश्चात अलग अलग क्रमशः एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी  संचयी प्रभाव से व एक आरक्षक को " एक वर्ष के लिए आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा के दण्ड से किया दंडित..



जशपुरनगर 

(समाचारवाणी) 

 आज जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के द्वारा पुलिस रेगुलेशन के नियम 221(अ) में प्रदत्त शक्तियों के तहत, अपने कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच आरक्षकों के विरुद्ध विभागीय जांच के उपरांत अंतिम आदेश पारित किया गया। जिसमें से तीन आरक्षक क्रमशःआरक्षक 737 संतोष कुमार राम, आरक्षक 525 नेल्सन तिग्गा को बार बार लंबे समय से गैर हाज़िर रहने के आदि पाए जाने पर "सेवा से पृथक" तथा आर.47 इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी  संचयी प्रभाव से एवं आर.144 बिंदेश्वर राम को आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा के दण्ड से दंडित किया गया है।

    मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है  कि लंबी अवधि तक अनाधिकृत रूप से गैर हाज़िर रहकर कर्तव्य के प्रति स्वेच्छाचारिता, घोर लापरवाही एवं अनुशासन हीनता का प्रदर्शन करते हुए, बार बार सेवा का अवसर प्रदाय करने के बावजूद, छ ग पुलिस रेगुलेशन 64(2) व छ ग सिविल सेवा (आचरण)1965 के नियम 3 के उप नियम 1(एक),(दो)(तीन) का उल्लंघन करने पर जशपुर जिले के पांच पुलिस आरक्षकों क्रमशः संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा, अशोक कुमार एक्का, इरीमियस कुजूर व बिंदेश्वर राम के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी।

 मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारीयो के द्वारा अनुशासन हीनता, उदासीनता स्वेच्छाचारिता कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी। एैसे पुलिस कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी।



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