बलरामपुर।अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
पारंपरिक मोटे अनाज अब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई का सबसे भरोसेमंद हथियार बनेंगे। जिला प्रशासन ने कुपोषण मुक्ति अभियान के अंतर्गत ’बालभोग’ कार्यक्रम आरंभ किया है। इसमें श्रीअन्न, रागी और सूखे मेवों से तैयार प्रोटीन युक्त लड्डू कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन खिलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम चिरई, जशवंतपुर में आयोजित स्वर्गीय लरंग साय प्रतिमा अनावरण समारोह के दौरान वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के पहले चरण में शंकरगढ़ विकासखंड के 967 कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन्हें प्रतिदिन 30 ग्राम पौष्टिक लड्डू दिया जाएगा। लड्डू केवल वितरित नहीं किए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी उपस्थिति में बच्चों को निर्धारित मात्रा में इनका सेवन कराएंगी, ताकि अतिरिक्त पोषण वास्तव में बच्चे तक पहुँचे। स्थानीय स्तर पर उपजने वाले श्रीअन्न और रागी का यह उपयोग बच्चों के आहार को पौष्टिक बनाने के साथ पारंपरिक खाद्य संस्कृति को भी पुनर्जीवित करने की दिशा में सार्थक कदम है।
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क्या है बालभोग..
बालभोग‘ की खासियत इसका निगरानी तंत्र है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लड्डू खिलाने के साथ प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण स्तर पर लगातार नज़र रखेंगी। अभिभावकों को संतुलित आहार, नियमित भोजन तथा बच्चों की उचित देखभाल के बारे में समझाइश दी जाएगी, ताकि घर पर भी पोषण की यह कड़ी बनी रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग और मैदानी अमले के समन्वय से कार्यक्रम का क्रियान्वयन होगा तथा विभागीय योजनाओं को एक साथ जोड़कर कुपोषण उन्मूलन के प्रयासों को गति दी जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि हर बच्चे को स्वस्थ और सुपोषित बचपन मिले, यही प्रशासन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ’बालभोग‘ के माध्यम से कुपोषित बच्चों को नियमित अतिरिक्त पोषण देने के साथ उनकी प्रगति का भी आंकलन किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय सहभागिता से जिला कुपोषण मुक्त बलरामपुर के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
जिला प्रशासन की यह पहल केवल पूरक आहार तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य प्रत्येक कुपोषित बच्चे को कुपोषण के दायरे से बाहर निकालकर स्वस्थ बचपन, सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना है।




