नगर पंचायत राजपुर अध्यक्ष धरम सिंह की पहल पर लोक संस्कृति, परंपरा, कायम रखने हेतु दिया गया संदेश, जल श्रोतों, सरोवर, नदियों तालाबों को बचाने समाज को मिली प्रेरणा ..
राजपुर (समाचारवाणी)
सरगुजा अंचल में पुरातन काल से से गंगा दशहरा पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है ,और जल स्रोतों नदियां तालाबों के सुरक्षित करने का यह एक लोक पर्व है। राजपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष धरम सिंह ने राजपुर माहामाया मंदिर परिसर के दशहरा तालाब में आज गंगा दशहरा के उपलक्ष्य पर आज से पहली बार पर्व पर गंगा आरती का शुभारंभ कराया है।
आज के इस कार्यक्रम में मां माहामाया मंदिर के पुजारी राघवेंद्र पांडे ,पुजारी विराट राज तिवारी , और पुजारी पंकज मिश्रा के द्वारा आकर्षक रुप से मां गंगे की आरती की गई,। बनारस में जिस तरह से मां गंगे की आरती की जाती है उसी के अनुसार आरती करने का प्रयास किया गया जो अपने आप में अनोखा था। इस आरती को देखने के लिए सप्ताहिक बाजार में आए दूकानदार और ग्रामीण सैकड़ों संख्या में उपस्थित हुए, साथ ही आरती उपरांत सभी ने प्रसाद भी ग्रहण किया।
राजपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष धरम सिंह ने बताया कि सरगुजा के आदिवासी गंगा दशहरा बड़े ही धुमधाम से मनाते हैं लेकिन वर्तमान युवा पीढ़ी अपने सभ्यता को भूलते जा रहे हैं। इसे पुनः स्थापित करने के लिए यह मेरा एक छोटा सा प्रयास है और आनेवाले समय भी यह कार्यक्रम लगातार आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह,उपाध्यक्ष जय गोपाल अग्रवाल,वरिष्ठ भाजपा नेता गौरी शंकर अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि शिवनाथ जायसवाल,भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल दुबे, प्रदीप जायसवाल,राजकुमार सोनी,अनिल तिवारी,सतीश सिंह,संतोष तिवारी,नीरज शर्मा,राजेश बंसल,अधिवक्ता उमेश झा,कृष्णानंद तिवारी, अनिल गुप्ता, जय सिंह,नगरपंचायत के कर्मचारी एवं भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



