अस्पताल का कायाकल्प, मरीज़ों में हर्ष

अस्पताल का कायाकल्प, मरीज़ों में हर्ष

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रामानुजगंज (बलरामपुर) 

रामानुजगंज नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ डॉक्टर हेमंत दीक्षित के कार्य भार संभालने के बाद मरीजों को सुविधा मिलना शुरू हो गया है 100 बिस्तर का अस्पताल में पहली बार भर्ती हुए मरीजों को इस भीषण गर्मी में बेहतर इलाज के साथ कूलर एवं फ़िल्टर युक्त शुद्ध पेयजल के लिए वाटर फिल्टर एवं घड़ा रखा गया है। झारखंड राज्य के 100 गांव के साथ अपने क्षेत्र के लोग स्थानीय अस्पताल में इलाज कराने हेतु जा रहे हैं.अस्पताल की बेहतर व्यवस्था और चिकित्सा की उपस्थिति को देखते हुए उनमें विश्वास भी कायम हो रहा है । 

स्थानीय अस्पताल में बीएमओ सहित कुल 9  डॉक्टर पदस्थ है जिसमें से वर्तमान में सिर्फ 3 ही है। जिनके द्वारा झारखंड सहित क्षेत्र के मरीजों के इलाज की जा रही है । प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ मरीज का उपचार किया जा रहा है जो सन 2022 में पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह के द्वारा 100 बिस्तर का उन्नयन कराया गया था, जिसमें वर्तमान स्थिति में 60 वर्किंग बेड के साथ 10 बैकप में रखा गया है, जिसके कारण मरीजों को बेड पर्याप्त मात्रा में मिल रही है।

पहली दफा भोजन के मैन्यू को किया गया सार्वजनिक...

नव पदस्थ बीएमओ डॉक्टर हैमंत दीक्षित के निगरानी में पहली बार देखने को मिल रहा है कि मरीजों को मिलने वाली भोजन शासन द्वारा निर्धारित मैन्यू से मिल रही है ।इस संबंध में पूर्व में अस्पताल के कैम्पस सहित बीएमओ के अधीनस्थ आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बगरा,सानावल,रामचंद्रपुर, डिंडो,जमोंतपुर में पंपलेट चस्पा करते हुए आह्वान किया गया है कि यदि किसी भी मरीज को मैन्नू के अनुसार भोजन नहीं मिलती है तो सीधा बीएमओ से संपर्क करे । यही नहीं बीएमओ ने पहली बार निर्धारित मैन्यू की होडिंग अस्पताल परिसर में लगा दिया गया है, ताकि इसमें कोई गलती ना करें।  नगर में अस्पताल प्रशासन की सराहना हो रही है । ज्ञात हो कि कुछ माह पूर्व कई वर्षों से एक ही व्यक्ति के द्वारा मरीजो को भोजन कराया जाता था जो शुद्ध भोजन न होने के कारण शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम आईएएस प्रशिक्षु रितेश अग्रवाल के द्वारा  कार्यवाही करते हुए भोजन के कमरा को सील कर दिया गया था । बीएमओ डॉ हेमंत दीक्षित के पदस्थापना के कई वर्षों बाद में नए टेंडर करा कर मरीज को मैन्यू अनुसार भोजन परोसा जा रहा है । बीएमओ ने यह भी कहा कि मेरे द्वारा बेलगाम कर्मचारीयो पर शिकंजा कसा जा रहा है जिसके कारण हमें मानसिक रूप से परेशान भी किया जा रहा है।। 

बीएमओ ने किया गार्ड को तैनात 

. स्थानीय अस्पताल में पहली बार देखने को मिल रहा है कि बीएमओ ने पहली बार गार्ड को तैनात किया है। पूछे जाने पर डॉक्टर हेमंत दीक्षित ने कहा कि मरीज के साथ आए परिजन एवं अन्य साथियों के द्वारा हमेशा कुछ ना कुछ बातों को लेकर अनावश्यक विवाद किया जाता था जिससे कारण डॉक्टर मरीज को बेहतर रूप से इलाज नहीं कर पाते थे.मेरे द्वारा गार्ड की नियुक्ति हेतु एसडीओपी और पुलिस अधीक्षक को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था। लेकिन कुछ कार्रवाई न होने क कारण मैं खुद अपने वाहन पर रात्रि 8 से प्रातः 8 बजे  पहुंचकर और आवश्यकता पडने पर  दिन के 12 से दोपहर 2 बजे तक गार्ड को तैनात किया जाता है। कुछ भी हो लेकिन बीएमओ के इस नए तरीके से मरीज सहित आम जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Samachar vani news desk, ambikapur 





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