बघिमा मंदिर से ग्रामीण बैंक बरियों तक चिकनी मिट्टी डालने से सड़क बनी मुसीबत, आए दिन लग रहा जाम, बाइक सवार हो रहे हादसे का शिकार..
अंबिकापुर।बरियों।राजपुर
(समाचारवाणी)
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-343) के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। बघिमा मंदिर से लेकर ग्रामीण बैंक बरियों तक सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप डब्ल्यूएमएम (WMM) की परत नहीं डालकर चिकनी मिट्टी डालने का आरोप लगाया गया है। बारिश के बाद यह पूरा मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही है और दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी बरियों मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने ग्रामीणों के साथ मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी की मिलीभगत के कारण मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान जहां डब्ल्यूएमएम (वेट मिक्स मैकडम) की मजबूत परत डाली जानी चाहिए थी, वहां चिकनी मिट्टी डाल दी गई। लगातार हो रही बारिश के कारण मिट्टी कीचड़ में बदल गई है। इससे वाहन फंस रहे हैं और लंबा जाम लग रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई दिनों से इस मार्ग पर मोटरसाइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं। कई लोगों को चोटें भी आई हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो निर्माण एजेंसी ने सुधार कार्य किया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा तो इसका सीधा असर आम जनता की सुरक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कराया जा रहा है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान सड़क पूरी तरह फिसलन भरी हो जाती है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। इससे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी कठिनाई होती है। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से उन्हें राहत मिलने के बजाय और अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सड़क निर्माण की तकनीकी जाँच की मांग हुई तेज़..
ग्रामीणों ने मांग की है कि बघिमा मंदिर से ग्रामीण बैंक बरियों एवं बरियों से परसा तक, बरियों से राजपुर, राजपुर से बासेन तक सड़क की तकनीकी जांच कराई जाए। यदि निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार डब्ल्यूएमएम डालकर सड़क को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन घटिया निर्माण के कारण यह मार्ग हादसों का कारण बनता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
विभागीय पक्ष:
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग या निर्माण एजेंसी की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








