- कलेक्टर बनीं बच्चों की शिक्षिका, बच्चों से पूछा पाठ एवं पहाड़ा और कराया अभ्यास.
- सवाल पूछकर जानी विद्यार्थियों की विषगत समझ.
- हर अध्याय के बाद हो प्रश्नोत्तरी, नियमित मूल्यांकन से बढ़ेगा शिक्षा का स्तर-कलेक्टर.
बलरामपुर
(समाचारवाणी)
बलरामपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने विकासखंड बलरामपुर के प्राथमिक शाला कोठीखाड़ एवं तलैयापारा तथा विकासखंड वाड्रफनगर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़कागांव और प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि बच्चों के बीच संवाद किया, पाठ पढ़वाया, सवाल पूछे और उनकी सीखने की क्षमता को भी परखा।
प्राथमिक शाला कोठीखाड़ में कलेक्टर ने विद्यार्थियों से पाठ पढ़वाकर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का आकलन किया। बच्चों ने पहाड़ा भी सुनाया। इस दौरान कुछ बच्चे उत्तर देने में संकोच करते नजर आए, जिस पर कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताब का पाठ पूरा कराना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करना भी है। ताकि बच्चे बेझिझक अपनी बात आत्मविश्वास के साथ रख पाएं।
तलैयापारा प्राथमिक शाला में कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि उन्हें समय पर गणवेश और पाठ्यपुस्तकें मिली हैं या नहीं। उन्होंने बच्चों से पाठ भी पढ़वाया और पढ़ने के साथ-साथ सुंदर एवं स्पष्ट लेखन पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर की स्वच्छता, मध्यान्ह भोजन का भी जायजा लिया तथा संबंधितों से मध्यान्ह भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने के निर्देश दिए।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़कागांव में कलेक्टर ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न पूछकर उनकी विषयगत समझ का आकलन किया। विद्यार्थियों की पुस्तकों का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि केवल पाठ पढ़ लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक अध्याय के बाद प्रश्नोत्तर का अभ्यास भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि हर पाठ के बाद विद्यार्थियों से प्रश्नोत्तरी कराकर उनकी समझ का नियमित मूल्यांकन करें।
बालक छात्रावास इंजानी में कलेक्टर ने सुरक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने विकासखंड वाड्रफनगर स्थित प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, बिजली, सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।
उन्होंने छात्रावास में निवासरत विद्यार्थियों से बात कर उनकी पढ़ाई, दिनचर्या, भोजन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। बच्चों की बातें ध्यानपूर्वक सुनते हुए उन्होंने उन्हें बड़े सपने देखने और मेहनत व लगन से साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने तथा रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने को कहा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर की नजर छात्रावास में एक विद्यार्थी द्वारा कागज एवं अन्य उपयोगी सामग्रियों से तैयार किए गए आकर्षक होल्डर पर पड़ी। विद्यार्थी की रचनात्मकता और नवाचार की सराहना करते हुए उन्होंने प्रशंसा की। कलेक्टर ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने रसोई कक्ष उपलब्ध सामग्रियों का अवलोकन कर रख-रखाव का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शयन कक्षों के खिड़की में जाली नहीं होने पर तत्काल जाली लगाने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावास के कमरों को और अधिक सुव्यवस्थित रखने के लिए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
(Samachar Vani news)
Editor - S. tiwari





