हर-हर महादेव! माँ दुर्गा के दरबार में पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
सरगुजा।लखनपुर
(समाचारवाणी)
छत्तीसगढ़ शासन के लोकप्रिय पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित विभिन्न प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंदिर परिसर में साफ-सफाई कर स्वच्छता और सेवा का संदेश भी दिया।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की उन्नति, जनकल्याण और प्रत्येक परिवार के सुखमय जीवन की मंगलकामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में स्वच्छता कार्य में सहभागिता कर उन्होंने यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था के साथ सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
इसके पश्चात कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां जगदंबा से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। वहीं, लखनपुर के बाजारपारा स्थित भगवती मंदिर में माता रानी के दर्शन कर प्रदेश की निरंतर प्रगति और जनकल्याण की कामना की। कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल की इन धार्मिक गतिविधियों में आस्था, सेवा और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव प्रमुख रूप से दिखाई दिया। मंदिरों में पूजा-अर्चना के माध्यम से उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना के साथ धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया।
आस्था, स्वच्छता और संस्कृति के संरक्षण का संदेश
छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की विशिष्ट पहचान है। प्राचीन मंदिर और आस्था के केंद्र न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज को अपनी परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ते हैं। ऐसे स्थलों की स्वच्छता, संरक्षण और व्यवस्थित विकास धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल के मंदिर दर्शन और सेवा कार्यों के माध्यम से श्रद्धा, सकारात्मकता तथा जनकल्याण की भावना का संदेश सामने आया। प्रदेशवासियों के सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना के साथ धार्मिक विरासत के प्रति सम्मान का यह भाव सरगुजा अंचल की सांस्कृतिक परंपराओं को भी रेखांकित करता है।








