बलरामपुर
(समाचारवाणी)
राज्य को झकझोर देने वाली रामानुजगंज राजेश ज्वेलर्स डकैती प्रकरण में रामानुजगंज सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ की अदालत ने सोमवार को पाँच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में महिला अभियुक्त अंजनी एक्का भी शामिल है।
क्या है मामला
11 सितंबर 2024 की दोपहर करीब 1:15 बजे गांधी चौक, रामानुजगंज स्थित राजेश ज्वेलर्स में आठ हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया था। पिस्तौल व देशी कट्टों से लैस लुटेरों ने दुकान मालिक राजेश सोनी को पिस्टल के कुंदे से मारकर घायल कर दिया और 5 किलो सोना, 7 किलो चांदी, ₹7 लाख नकद और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। कुल लूट की कीमत करीब ₹2.87 करोड़ आंकी गई।
घटना के समय ग्राहक लालेश्वर गुप्ता व उनकी पत्नी शोभा गुप्ता भी दुकान में मौजूद थे, जिनसे भी सोने की चैन, अंगूठी और मोबाइल छीन लिए गए। डकैती डकैती की इस वारदात के बाद तत्कालीन एसपी श्री राजेश अग्रवाल ने तत्काल मामले की विवेचना शुरू की। उनके स्थानांतरण के बाद नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर ने कई टीमें गठित कर सायबर सेल के साथ विशेष टीम गठित कर डकैतों के गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जिसमें उन्हें शीघ्र ही सफलता मिल गई।
रामानुजगंज पुलिस थाने के इंस्पेक्टर रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में ज्वेलर्स डकैती मामले की विवेचना और कार्यवाही शुरू की गई थी,जिसमें बलरामपुर पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। झारखंड के चैनपुर इलाके से ज्वेलरी और नगदी भी बरामद की गई थी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरोह के सदस्यों की पहचान की और मुख्य आरोपियों को झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया।
दोषी ठहराए गए आरोपी
आनंद सोनी उर्फ सोनू सोनी,मोनू सोनी उर्फ राजा सोनी उर्फ बुकिंग,राहुल मेहता,अरविंद कुमार,और अंजनी एक्का
इन पाँचों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 310 (6) व 311 के तहत दोषी पाया गया। मोनू सोनी को अतिरिक्त रूप से आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत भी दोषी ठहराया गया।
सजा का विवरण
धारा 310(6) IPC के तहत आजीवन कारावास
एवं ₹50,000 जुर्माना,7 वर्ष का सश्रम धारा 311 IPC के तहत कारावास एवं ₹50,000 जुर्माना,मोनू सोनी को आयुध अधिनियम धारा 25 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹5,000 जुर्माना एवंजुर्माना न देने पर क्रमशः 3 माह, 3 माह और 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी।
अभियुक्ता अंजनी एक्का की रही भूमिका
पुलिस जांच में पाया गया कि अंजनी एक्का ने मुख्य आरोपी सोनू सोनी के साथ मिलकर लूट के आभूषणों को खपाने और धन को अपने खाते में रखने में सहयोग किया था। उसके बैंक खाते से ₹6,59,500 की राशि बरामद हुई, जिसे अदालत ने अपील अवधि के बाद पीड़ित राजेश सोनी को लौटाने का आदेश दिया है।
फरार आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
अदालत ने अभियुक्त विक्की सिंह, रोहित कुमार सिंह, राधेश्याम कुमार उर्फ श्याम पासवान को फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं, डबलू प्रसाद गुप्ता और रविकांत पासवान उर्फ साधू के खिलाफ जप्ती व गिरफ्तारी की कार्रवाई शेष है।
अदालत की टिप्पणी..
सत्र न्यायाधीश श्री हेमंत सराफ ने फैसले में कहा -
"दिन-दहाड़े बाजार में हथियारों के बल पर की गई यह डकैती समाज में भय का वातावरण उत्पन्न करती है। ऐसे अपराधों पर कठोरतम दंड आवश्यक है।"
जब्त माल हुआ सुपुर्द
जप्त सोना 4208.7 ग्राम, चांदी 6800 ग्राम, तथा बोलेरो वाहन, मोटरसाइकिल, हथियार और अन्य वस्तुएँ न्यायालय अभिरक्षा में रखी गई हैं। शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक अशोक गुप्ता के द्वारा की गई वहीं प्रकरण की विवेचना तात्कालिक निरीक्षक रमाकांत तिवारी के द्वारा की गई थी।
(Samachar vani news, ambikapur)


