पीएससी भर्ती गड़बड़ी मामले में तत्कालीन चेयरमैन टामन सोनवानी समेत कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर।
रायपुर। (समाचारवाणी)
पीएससी घोटाले में शामिल अधिकारीयों और नेताओं समेत मामले में संलिप्त लोगों पर केस दर्ज करते हुए मामले को सीबीआई को सौंप दिए जाने की तैयारी शुरू हुई है, जिससे आरोपी खेमे में हलचल मच गई है.छत्तीसगढ़ में पीएससी भर्ती गड़बड़ी मामले में ईओडब्ल्यू में एफआईआर दर्ज किया गया है. तत्कालीन पीएससी चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी समेत कुछ नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. जीवन किशोर ध्रुव के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. ज्ञातव्य है कि भाजपा लगातार इस मामले को उठाती रही है.
सरकार में आने से पहले भाजपा नेताओं ने वादा किया था कि हमारी सरकार आई तो पीएससी मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा. भाजपा ने इस मामले को अपने घोषणा पत्र में भी शामिल किया था. ऐसे में वादे के मुताबिक, भाजपा सरकार मामले की सीबीआई जांच कराने का फैसला भी ले चुकी है. अब दोषियों पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है.
गौरतलब है कि 11 मई 2023 को सीजी पीएससी 2021 का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ था. इसमें 171 पदों पर पीएससी ने भर्ती की थी, जिसमें 15 लोगों का चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ था. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि मेरिट लिस्ट में पीएससी चेयरमैन के रिश्तेदारों और कांग्रेस पार्टी के नेताओं के करीबियों को जगह मिली है. इन आरोपों के बाद लोक सेवा आयोग आरोपों के घेरे में था, और बीजेपी के नेता ननकी राम कंवर ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. इसके बाद कोर्ट ने 18 लोगों की नियुक्ति को रोकने के आदेश दिए थे.
होगी सख़्त कार्यवाही
इस संबंध में प्रदेश के मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा है कि सरकार इस मामले को लेकर बेहद संजीदा है. इस गड़बड़ी में जो भी ज़िम्मेदार होगा उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. यह मामला हमारे लिए राजनीति से ज़्यादा युवाओं को न्याय दिलाने का है. हम पीएससी भर्ती में रिफॉर्म लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.


