अंबिकापुर (समाचारवाणी)
छत्तीसगढ में कानून व्यवस्था की खराब होती स्थिति को लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के द्वारा गांधी चौक स्थित डाटा सेंटर के सामने धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन के उपरांत महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी प्रशासन को दिया गया। आरंग में हुई मॉब लिंचिंग और बलरामपुर में सुजीत सोनी और एक महिला की संदिग्ध मौत को सांकेतिक प्रश्न रखकर इस धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। आरंग में अज्ञात लोगों के द्वारा एक ट्रक में मावेशी लेकर जा रहे अल्पसंख्यक समुदाय के तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी। घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को ढूंढ पाने में नाकाम रही है। पुलिस द्वारा इस मामले में भारतीय दण्ड विधान की धारा 304 आरोपित की गई है, जबकि मामला हत्या का है और इस मामले में भारतीय दण्ड विधान की धारा 302 आरोपित होनी थी। ऐसे में घटना की विवेचना को लेकर पुलिस की मंशा भी संदेह के घेरे में है। इसी प्रकार से बलरामपुर जिले में सुजीत सोनी एवं एक अन्य महिला का शव संदेहास्पद स्थिति में बरामद हुआ। मौके की परिस्थितियों के आधार पर प्रारंभ में यह अनुमान लगाया गया था कि मामला हत्या का है, किंतु बाद की विवेचना में पुलिस ने करंट लगने से मौत की बात कही। स्थानीय लोग पुलिस के इस तर्क को मानने से इंकार कर रहे हैं और इस घटना की उचित जांच को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। नई सरकार आने के महज छह माह के भीतर पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
आज आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नगर निगम अम्बिकापुर के सभापति अजय अग्रवाल ने कहा कि 2023 के चुनाव के बाद भाजपा के हाईकमान ने जानबूझकर प्रशासनिक कार्यकलाप की दृष्टि से अकुशल एवं अनुभवहीन लोगों को प्रदेश की सत्ता सौंप दी।
सभा को संबोधित करते हुए श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शफी अहमद ने कहा कि अकुशल एवं अनुभवहीन राजनैतिक नेतृत्व के कारण प्रशासनिक तंत्र बेलगाम हो गया है। इसके कारण प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ ही पूरा का पूरा प्रशासनिक ढांचा ध्वस्त हो गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि पूरे प्रदेश के साथ ही सरगुजा संभाग में भी लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति पर प्रश्नचिन्ह खडा हो रहा है। आम लोगों की यह सोच प्रदेश की नई सरकार में उनके समाप्त हो रहे विश्वास का प्रमाण है। धरना-प्रदर्शन को अम्बिकापुर महापौर डॉ. अजय तिकी, पीसीसी उपाध्यक्ष जे.पी. श्रीवास्तव, पी.सी.सी. महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा और मो इस्लाम ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार को हर मुद्दे पर असफल बताया। कार्यक्रम में राजीव प्रताप सिंह, रशीद अहमद, दुर्गेश गुप्ता, इम्तेयाज जफर, अशफाक अली, अनूप मेहता, गुरुप्रीत सिद्धू, नरेन्द्र विश्वकर्मा, चंद्रप्रकाश सिंह, जीवन यादव, हिमांशु जायसवाल, गीता रजक, मो. अशफाक, हसन खान, नसीम खान, अमित तिवारी राजा, सुदामा कुर्रे, बाबर खान, कलीम अंसारी, काजू खान, शुभम जायसवाल, अविनाश कुमार, नितिश चौरसिया, निकी खान आदि उपस्थित थे।
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| Samachar Vani news desk, ambikapur |





