मैनपाट (सरगुजा)
(समाचारवाणी न्यूज़)
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इसे महिला सशक्तिकरण और नशे के खिलाफ महिलाओं की अनोखी पहल माना जा रहा है।सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक के ग्राम पंचायत चैनपुर की महिलाओं ने तय किया है कि अब गांव में कोई भी शराब का सेवन नहीं करेगा और न ही कोई शराब का निर्माण करेगा। इस गांव के दुकानों में तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट की बिक्री पर भी ग्रामीणों ने पाबंदी लगा दी है। इसके लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया है और कहा गया है कि अगर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद इसका कोई उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ 5000रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
चैनपुर में शराब पर लगा बैन, बीडी सिगरेट भी नहीं बेच सकेंगे दुकानदार
गांव के पेसा अध्यक्ष जयमान एक्का ने बताया कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए ग्राम सभा का आयोजन किया गया और उस ग्राम सभा में तय किया गया है कि गांव में हड़िया-दारू बनाते और बेचते हुए तथा पीते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों से ज़ुर्माना गांव की महिलाएं वसूल करेंगी।
गांव के पेसा अध्यक्ष जयमान एक्का ने बताया कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए ग्राम सभा का आयोजन किया गया और उस ग्राम सभा में तय किया गया है कि गांव में हड़िया-दारू बनाते और बेचते हुए तथा पीते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों से 5000 रूपये जुर्माना लिया जायेगा. चैनपुर में जितने भी जनरल किराना दुकान हैं. उन दुकान मालिकों को महुआ, बीड़ी, सिगरेट, पान, गुटखा, तम्बाकू इत्यादि बेचने से प्रतिबंधित किया गया है। कोई दुकानदार प्रतिबंधित नशीले पदार्थ को बेचते हुए पकड़ में आता है तो संबंधित दुकानदार से 5000 रूपये जुर्माना लिया जायेगा. नशा मुक्ति से संबंधित बनाये गये नियम-क़ानून का पालन करवाने और निगरानी के लिए महिलाओं के द्वारा 'नशामुक्ति निगरानी समिति' का गठन किया गया है।महिलाएं अब सख़्ती से मैनपाट की सुरम्य वादियों से नशे को दूर करने आगे बढ़ रही हैं।
उम्मीद है अब मैनपाट के पर्यटन में नशाखोरी के खिलाफ मोर्चे से अच्छा परिवेश मिल सकेगा। यहाँ के मांझी, माझंवार, पहाड़ी कोरवा जनजाति नशे की गिरफ्त में शोषित होती रही है। इन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने हेतु ऐसे प्रयास सराहनीय हैं।
(Samachar vani news, Ambikapur)


