राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित हुईं सरगुजा की शिक्षिका आराधना तिवारी, शैक्षिक नवाचार और दीवार पत्रिका अभिव्यक्ति हेतु रायपुर में मिला सम्मान

राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित हुईं सरगुजा की शिक्षिका आराधना तिवारी, शैक्षिक नवाचार और दीवार पत्रिका अभिव्यक्ति हेतु रायपुर में मिला सम्मान

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अंबिकापुर 

(समाचारवाणी) 

राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह शैक्षिक संप्रवाह 2025-26 का आयोजन भव्य तरीके से 25 अप्रैल को राजधानी रायपुर में स्वामी आत्मानंद प्रो.जे. एन.पाण्डेय शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय में किया गया।

    हमारे सरगुजा जिले से इसमें 6 शिक्षकों का चयन किया गया जिनमें अंबिकापुर से श्रीमती आराधना तिवारी का नाम सबसे पहले था।

आपको बता दें कि इनकी पदस्थापना शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परसा में है और उन्हें ये सम्मान उनके नवाचार दीवार पत्रिका "अभिव्यक्ति "के लिए प्राप्त हुआ है जिसके कारण विद्यालय के बच्चों की रचनात्मकता बढ़ी है।

पिछले कुछ समय से परसा के छात्र छात्राओं के लेखों का चयन राष्ट्रीय स्तर की बाल विज्ञान पत्रिका चकमक में लगातार हो रहा है जो पूरे संभाग के लिए गर्व का विषय है क्योंकि सरगुजा क्षेत्र पिछड़े वर्ग के रूप में जाना जाता रहा है लेकिन अपनी रचनात्मक लेखन के कारण और सोच के कारण बच्चों ने इसे राष्ट्र स्तर पर पहचान दिलाई है।परसा गांव के सभी प्रबुद्ध जन इसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।



शिक्षिका आराधना तिवारी ने अपने इस नवाचार को बताते हुए रायपुर के मंच से ये जानकारी दी कि पहले बच्चे लेखन से कतराते थे लेकिन अब दूसरे बच्चों की उपलब्धि देखकर वे भी प्रेरित हो रहे हैं।दीवार पत्रिका  न सिर्फ उनके लिए एक कार्य है बल्कि उनकी उपस्थिति बढ़ने की भी एक वजह है।




इससे वे समूह में कार्य करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं साथ ही उनकी अभिव्यक्ति क्षमता भी बढ़ी है।उनकी प्रस्तुति देते हुए रायपुर के मंच से उन्होंने राज्य के सभी शिक्षक साथियों से अपने अपने विद्यालय में सभी विषयों हेतु इसके निर्माण एवं उपयोग की अपील भी की।



साथ ही राष्ट्रीय नवाचारी समूह भारत के सदस्यों एवं पूरी समिति को ऐसा मंच प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया है जो सही तरीके से चयन कर हर वर्ष योग्य शिक्षकों का सम्मान करता है। ज्ञातव्य है कि यह राष्ट्रीय नवाचारी गतिविधियां समूह द्वारा राज्य से कुल 700 आवेदन आए थे जिनमें 160 का चयन तीन चरण की लंबी प्रक्रिया के द्वारा हुआ ।

संस्था प्रमुख एस . सूर्यवंशी ने बताया कि यह संस्था पिछले कुछ सालों से ऐसे शिक्षकों के8 तलाश करती है जो शासन के सम्मान से वंचित रह जाते हैं।यह शिक्षकों का शिक्षकों के लिए शिक्षकों द्वारा सम्मानित किया जाने वाला समूह है।इसमें किसी भी तरह की प्रशासनिक एवं राजनैतिक भागीदारी न होने के कारण चयन योग्य के साथ ओर निष्पक्षता से होता है।

   यह संपूर्ण कार्यक्रम माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के उप सचिव श्री पी रघु ,समग्र शिक्षा के उपसंचालक ए .के .सारस्वत,रायपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, डी एम सी अरुण कु .शर्मा और प्राचार्य। सुचिता पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

 इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कुछ प्रस्तुतियां,प्रयोग, और भारत के अन्य राज्यों से लाइव जुड़े शिक्षक रहे,जो इस संस्था की व्यापकता और महत्व को समझाते हैं । सरगुजा जिले से चयन कार्य में समूह के सुनील कुमार यादव ,लव कुमार कश्यप  ,अंजली बड़ा एवं संदीप पाण्डेय  का योगदान रहा।


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