राजपुर स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन हेतु कलेक्टर कार्यालय ने लिया संज्ञान,उप-जिला अस्पताल बनाने की मांग हुई तेज

राजपुर स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन हेतु कलेक्टर कार्यालय ने लिया संज्ञान,उप-जिला अस्पताल बनाने की मांग हुई तेज

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 राजपुर स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन हेतु कलेक्टर कार्यालय ने CMHO को भेजा पत्र, सिविल/उप-जिला अस्पताल बनाने की मांग हुई तेज.



अंबिकापुर।बलरामपुर 

(समाचारवाणी) 

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल/उप-जिला अस्पताल में उन्नयन किए जाने की मांग अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप से पहुंच गई है। सरगुजा संभाग अध्यक्ष ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के प्रवक्ता अभिषेक कुमार सोनी द्वारा मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, विधायक एवं कलेक्टर को सौंपे गए विस्तृत ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर कार्यालय बलरामपुर-रामानुजगंज से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र जारी किया गया है।

कलेक्टर कार्यालय से जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की बड़ी आबादी, विशेषकर दूरस्थ वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन वर्तमान में उपलब्ध संसाधन एवं चिकित्सा सुविधाएं क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं।

ज्ञापन में अभिषेक कुमार सोनी ने उल्लेख किया था कि राजपुर विकासखंड सहित आसपास के अनेक ग्राम पंचायतों, वनांचल क्षेत्रों एवं सीमावर्ती गांवों की लगभग 1 से 2 लाख की आबादी उपचार हेतु राजपुर स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। इसके बावजूद यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है। गंभीर मरीजों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर करना पड़ता है, जिससे कई बार मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि राजपुर क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से जिले के दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित है और यह अनेक दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों के लिए सबसे सुलभ स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करता है। वनांचल क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह केंद्र जीवनरेखा जैसा है, लेकिन संसाधनों के अभाव में मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

अभिषेक सोनी ने अपने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों जैसे स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, सर्जन एवं फिजिशियन की कमी है। इसके साथ ही ICU/HDU, ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक/ब्लड स्टोरेज यूनिट एवं आधुनिक जांच सुविधाओं जैसे एक्स-रे, सोनोग्राफी और पैथोलॉजी सुविधाओं का भी अभाव है। इन सुविधाओं की कमी के कारण गंभीर मरीजों को अंबिकापुर जिला चिकित्सालय रेफर करना पड़ता है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राजपुर से अंबिकापुर की दूरी लगभग 50 से 70 किलोमीटर है। इस मार्ग में कई स्थानों पर वन क्षेत्र एवं खराब सड़कें हैं, जिसके कारण आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत कठिन हो जाता है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, दुर पीड़ितों एवं गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

अभिषेक सोनी ने प्रशासन से मांग की कि राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को तत्काल सिविल/उप-जिला अस्पताल में उन्नयन किया जाए तथा यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना, 24×7 आपातकालीन सेवा, ट्रॉमा सेवा, ICU/HDU, ब्लड बैंक एवं आधुनिक चिकित्सा जांच सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी पत्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है। पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र की जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति एवं स्वास्थ्य आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर कार्यालय से पत्र जारी होने के बाद क्षेत्रवासियों एवं सामाजिक संगठनों में उम्मीद जगी है कि राजपुर स्वास्थ्य केंद्र को जल्द ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं। यदि स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन होता है तो राजपुर सहित दूरस्थ आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा गंभीर मरीजों को लंबी दूरी तय कर अंबिकापुर जाने की मजबूरी से राहत मिल सकेगी।

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