धूल से परेशान परसागुड़ी के ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों रहा चक्काजाम
राजपुर। बलरामपुर
(समाचारवाणी)
आज राजपुर से 6 किलोमीटर दूर अंबिकापुर राजपुर मार्ग पर परसागुड़ी में नेशनल हाईवे 343 पर सड़क पर उड़ते धूल और धीमी गति से हो रहे निर्माण से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया।एक घंटे चले इस चक्का जाम के बाद अधिकारियों की संख्या इसके बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया.। इस दौरान दोनों और वाहनों की लंबी कटारे लगी रही।
विकास की सड़क जब लोगों के जीवन में राहत के बजाय पीड़ा और बीमारी का कारण बनने लगे, तब विरोध केवल आंदोलन नहीं रह जाता, बल्कि वह मजबूरी की आवाज बन जाता है। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसागुड़ी मुख्य मार्ग हाइवे में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां NH-343 पर उड़ती धूल से त्रस्त ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।
उड़ती धूल, तबाह होती ज़िन्दगी..
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार द्वारा नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। परिणामस्वरूप सड़क पर इतनी अधिक धूल उड़ रही है कि लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि बच्चे खांसी और सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं, बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर हो गया है और दुकानदारों का सामान तक धूल की मोटी परत से ढंक जा रहा है। सड़क से गुजरने वाले राहगीर आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदारों ने केवल आश्वासन दिए, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आक्रोशित ग्रामीण सुबह लगभग 7:30 बजे से सड़क पर बैठ गए। उन्होंने लकड़ी और पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। देखते ही देखते राष्ट्रीय राजमार्ग -343 के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्री बसें, मालवाहक वाहन और निजी गाड़ियां घंटों सड़क पर फंसी रहीं। लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि जब उनकी जिंदगी रोज धूल में कैद हो रही है, तब कुछ घंटों का यह जाम प्रशासन को उनकी पीड़ा समझाने के लिए जरूरी था।
ग्रामीणों ने प्रशासन और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना होता है, न कि उन्हें बीमारी और परेशानी की ओर धकेलना। उनका साफ कहना था कि यदि नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं कराया गया और धूल से राहत नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी का
छिड़काव कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब एक घंटे तक चले चक्काजाम को समाप्त कराया गया।





