कन्हर नदी छठ घाट में भव्य गंगा आरती, श्रद्धा,आस्था, आध्यात्म का अद्भुत संगम, बलरामपुर जिले की सरहद के जलधारा पर दीपों की जगमग रौशनी और अलौकिक दृश्य ने मन मोहा..
रामानुजगंज
(समाचारवाणी)
नदियों का अस्तित्व बचाने और जल धाराओं के सम्मान, देवी देवताओं की उपासना के लोक पर्व गंगा दशहरा के अवसर पर भव्य आयोजन हुआ.छत्तीसगढ़ झारखंड सीमा पर कनहर नदी तट पर नागरिक गंगा दशहरा पर सनातन संस्कृति की झलक के साथ आध्यात्मिक माहौल, सांस्कृतिक चेतना से अभिभूत रहे .बड़ी संख्या में मौजूद क्षेत्र वासियों, श्रद्धालुओं की मौजूदगी में दिव्य मंत्रोच्चार और मां गंगा की स्तुति और भक्ति उपासना के बीच आयोजन संपन्न हुआ,और सहस्त्र दीपों की रौशनी से कन्हर तट रौशन हो गया.
रामानुजगंज में गंगा दशहरा एवं मां गायत्री जयंती के पावन अवसर पर नगर के मां महामाया मंदिर समीप स्थित कन्हर नदी छठ घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस दिव्य आयोजन में स्थानीय ब्राह्मणों नंदकुमार पांडे, जितेंद्र पांडे, विनय पांडे के साथ साथ काशी से आए विद्वान ब्राह्मणों की टोली ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ मां गंगा की पूजा आरती संपन्न कराई। शिव तांडव श्रोत की प्रस्तुति अनुपम रही।जैसे ही घाट पर दीपों की रोशनी के साथ शंखनाद गूंजा, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए और देर शाम तक घाट परिसर मधुर संगीत, शंख ध्वनि एवं दीपो की रौशनी के साथ आस्था के रंग में डूबा रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल छत्तीसगढ़ शासन में कृषि मंत्री रामविचार नेताम की धर्मपत्नी एवं जिला पंचायत सरगुजा की पूर्व अध्यक्ष पुष्पा नेताम ने उपस्थित जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी कन्हर नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने सभी नागरिकों से नदी की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और निर्मल नदी सौंपना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर गायत्री परिवार के प्रमुख एस पी निगम एवं समाजसेवी सुभाष जायसवाल वरिष्ठ अधिवक्ता आरके पटेल ने नगरवासियों को मां गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कन्हर नदी के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को मां का दर्जा दिया गया है और उनकी सेवा एवं संरक्षण करना समाज का नैतिक दायित्व है।
गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित गंगा आरती कार्यक्रम के संयोजक नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि नगरवासियों के सहयोग एवं सहभागिता से कार्यक्रम को भव्य रूप दिया जा सका। नगरपालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि हमारे शहर की जीवनदायिनी कन्हर नदी को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए प्रशासन अपनी भूमिका निभा रहा है हम सभी नागरिकों को भी आज के अवसर पर कन्हर नदी को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए, उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी साथियों, सामाजिक संगठनों, श्रद्धालुओं एवं नगरपालिका परिषद के साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
गंगा आरती के दौरान घाट परिसर दीपों की अलौकिक रोशनी से जगमगा उठा। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ माँ गंगा की आरती में भाग लिया।
मां गंगा आरती कार्यक्रम को सफल बनाने में सुमित गुप्ता, अनूप कश्यप, मुकेश जायसवाल, अर्जुन दास, विजय रावत, विकास दुबे, अजय गुप्ता, आशीष गुप्ता, विनोद केसरी, निशांत गुप्ता, टी आर शर्मा, अजय केसरी, अमित गुप्ता, संतोष दास, पीयूष गुप्ता, आकाश कश्यप, अशोक कश्यप सहित सामाज सेवी संस्था सागर मोती फाउंडेशन के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के मध्य प्रसाद वितरण किया गया। इस आयोजन ने नगर में धार्मिक सौहार्द, सांस्कृतिक एकता के साथ साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
आयोजन की भव्यता और गंगा आरती बनी आकर्षण का केंद्र..
गंगा दशहरा आयोजन को भव्य बनाने के लिए लगभग 15 दिनों पूर्व से तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। कन्हर नदी छठ घाट को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगे फूलों एवं पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। पूरे घाट परिसर में रेड कारपेट बिछाए गए थे, जिसने आयोजन की सुंदरता को और बढ़ा दिया। काशी के प्रसिद्ध दशासुमेर घाट की तर्ज पर सजाए गए आरती स्थल, दीपों की जगमगाहट और शंखध्वनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शाम होते ही घाट का अलौकिक नजारा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।








