आश्वासन के बाद टला बरियों चक्काजाम, ग्रामीणों ने कहा - वादा पूरा नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन

आश्वासन के बाद टला बरियों चक्काजाम, ग्रामीणों ने कहा - वादा पूरा नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन

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अंबिकापुर 

(समाचारवाणी) 

बलरामपुर जिले के राजपुर ब्लॉक के बरियों इलाके से गुजरने वाले निर्माणाधीन एनएच-343 सड़क में उड़ रही धूल और कार्य की धीमी गति को लेकर पिछले कई दिनों से क्षेत्र के ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। बघिमा, बरियों, चारपारा और ककना सहित आसपास के गांवों के लोगों ने 27 मई 2026 को बरियों में चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी। लगातार बढ़ते विरोध और जनदबाव को देखते हुए मंगलवार को प्रशासन, एनएच विभाग और ग्रामीणों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद प्रस्तावित चक्काजाम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।




बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजपुर, तहसीलदार बरियों, पुलिस चौकी प्रभारी बरियों, एनएच-343 के एसडीओ, साइड इंजीनियर एवं साइड प्रोजेक्ट मैनेजर मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर बघिमा, बरियों, चारपारा और ककना के ग्रामीणों के साथ स्थानीय व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही, धूल प्रदूषण और पानी के छिड़काव नहीं होने से उत्पन्न समस्याओं को अधिकारियों के सामने विस्तार से रखा।

ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन सड़क पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पूरे क्षेत्र में दिनभर धूल का गुबार बना रहता है। सड़क किनारे स्थित घरों, दुकानों और स्कूलों में लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। धूल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने भी कहा कि धूल के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

बैठक में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी द्वारा नियमित पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो क्षेत्र में जनआंदोलन और तेज होगा।

ग्रामीणों और व्यापारियों के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन एवं एनएच विभाग के अधिकारियों ने तत्काल समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि निर्माणाधीन सड़क में अब नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा, ताकि धूल प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके साथ ही सड़क निर्माण कार्य में भी तेजी लाने की बात कही गई।

बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजपुर, तहसीलदार बरियों, पुलिस चौकी प्रभारी बरियों, एनएच-343 के एसडीओ, साइड इंजीनियर एवं साइड प्रोजेक्ट मैनेजर मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर बघिमा, बरियों, चारपारा और ककना के ग्रामीणों के साथ स्थानीय व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही, धूल प्रदूषण और पानी के छिड़काव नहीं होने से उत्पन्न समस्याओं को अधिकारियों के सामने विस्तार से रखा।

नियमित हो पानी छिड़काव..

ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन सड़क पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पूरे क्षेत्र में दिनभर धूल का गुबार बना रहता है। सड़क किनारे स्थित घरों, दुकानों और स्कूलों में लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। धूल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने भी कहा कि धूल के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

बैठक में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी द्वारा नियमित पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो क्षेत्र में जनआंदोलन और तेज होगा।

ग्रामीणों और व्यापारियों के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन एवं एनएच विभाग के अधिकारियों ने तत्काल समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि निर्माणाधीन सड़क में अब नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा, ताकि धूल प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके साथ ही सड़क निर्माण कार्य में भी तेजी लाने की बात कही गई।

प्रशासन और एनएच विभाग के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने 27 मई को प्रस्तावित चक्काजाम को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन पर अमल नहीं किया गया और पानी छिड़काव की व्यवस्था नियमित रूप से नहीं हुई, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसी की होगी।

वादा पूरा नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन..

ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों ने मांग की कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी सभी नियमों का पालन किया जाए। साथ ही निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली की निगरानी भी प्रशासन द्वारा नियमित रूप से की जाए।

बैठक के बाद क्षेत्र में फिलहाल तनाव की स्थिति शांत हुई है, लेकिन ग्रामीणों और व्यापारियों की निगाह अब प्रशासन और एनएच विभाग की कार्यवाही पर टिकी हुई है। यदि आने वाले दिनों में सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव शुरू होता है और धूल प्रदूषण में कमी आती है, तो लोगों को राहत मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर यदि वादों को नजरअंदाज किया गया, तो पुनः आंदोलन हो सकता है।आज बैठक में मुख्य रूप से जितेंद्र जायसवाल, बृजेश मिश्रा, मुकेश गुप्ता, संजय अग्रवाल, अजय अग्रवाल, सुनील जायसवाल, राकेश केशरी, सुरेश तिर्की, मुरारी श्रीवास्तव, वीरेंद्र श्रीवास्तव, अशोक सोनी,आशीष श्रीवास्तव, सुदर्शन, सुभाष जायसवाल मोती और भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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