बारिश का पानी रोकने को वृहद जल संरक्षण कार्यक्रम को मिल रही है गति, पानी बचाने के लिए ग्रामीणों को किया जा रहा है जागरूक

बारिश का पानी रोकने को वृहद जल संरक्षण कार्यक्रम को मिल रही है गति, पानी बचाने के लिए ग्रामीणों को किया जा रहा है जागरूक

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राजपुर।बलरामपुर 

(समाचारवाणी) 

बलरामपुर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत राजपुर द्वारा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से “मोर गाँव-मोर पानी” महाअभियान का व्यापक स्तर पर संचालन किया जा रहा है। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय दुबे के नेतृत्व में विकासखंड की सभी 70 ग्राम पंचायतों में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया।

अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण संबंधी रैलियां, जनसंवाद, शपथ कार्यक्रम तथा श्रमदान गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि जल ही जीवन का आधार है और भविष्य में जल संकट से बचने के लिए अभी से प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।




जिला प्रशासन द्वारा राजपुर जनपद पंचायत को 8 हजार 6 सौ गड्ढों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए विकासखंड में एक ही दिन में 6 हजार गड्ढों का निर्माण किया गया। इससे पहले लगभग 1 हजार 700 गड्ढे खोदे जा चुके थे। इस प्रकार निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन गड्ढों के माध्यम से वर्षा जल का संचयन कर भूजल स्तर बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान सीईओ संजय दुबे ने कहा कि “मोर गाँव-मोर पानी” अभियान प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने घरों, खेतों तथा सार्वजनिक स्थलों पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित करें और तालाब, कुएं तथा अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों, रोजगार सहायकों, एनआरएलएम समूह की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने जल संरक्षण की शपथ लेते हुए अभियान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प व्यक्त किया।




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