बारिश की हर बूंद अब लिखेगी अमड़ीपारा की नई पहचान

बारिश की हर बूंद अब लिखेगी अमड़ीपारा की नई पहचान

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  • जहां बह जाता था पानी, अब वहीं बनेगा भविष्य का जल भंडार.
  • वीबी जी राम जी योजना से श्रमिकों के हाथों आकार ले रही जल संरचनाएं.
  • ट्रेंच निर्माण से गांव में बढ़े रोजगार के अवसर.



बलरामपुर

(समाचारवाणी) 

पहाड़ों से बहकर यूं ही निकल जाने वाला बारिश का पानी अब अमड़ीपारा की धरती में समाएगा। विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत ग्राम पंचायत अमड़ीपारा की बंजर पहाड़ी पर जल संरक्षण का कार्य चल रहा है, जो आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जल संरक्षण केवल का स्थायी मॉडल बने। आज बन रही ये छोटी-छोटी ट्रेंच आने वाले समय में अमड़ीपारा की जल सुरक्षा, हरियाली और समृद्धि की नई पहचान बनेंगी।




राजपुर सी ई ओ. संजय दुबे के नेतृत्व में राजपुर ब्लॉक के बरियों इलाके के ग्राम पंचायत अमड़ीपारा में 400 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच बनाए जा रहे हैं। वास्तव में यही संरचनाएं वर्षा जल को रोककर उसे धीरे-धीरे जमीन में समाहित करेंगी। इससे पहाड़ी से पानी का तेज बहाव रुकेगा, मिट्टी का कटाव कम होगा और भू-जल स्तर में वृद्धि का मजबूत आधार तैयार होगा। यही छोटी-छोटी संरचनाएं आने वाले वर्षों में इस पहाड़ी की पहचान बदल देंगी और इसे जल संरक्षण के सफल मॉडल के रूप में स्थापित करेंगी। 

राजपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय दुबे ने बताया कि बदलाव केवल पहाड़ी तक सीमित नहीं रहेगा। वर्षा का जो पानी अब तक बहकर व्यर्थ चला जाता था, वही अब धरती की प्यास बुझाएगा। इसका लाभ आसपास के खेतों, जलस्रोतों और पूरे गांव को मिलेगा। सूखे मौसम में भी नमी बनी रहेगी, भू-जल का पुनर्भरण होगा और क्षेत्र में हरियाली बढ़ने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

इस पहल ने स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। ट्रेंच निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिल रहा है। जिसके अंतर्गत 23 मजदूर परिवारों को रोजगार मिला है। इससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और जल संरक्षण अभियान को मजबूती मिल रही है। विकास और आजीविका का यह संगम ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। मनरेगा के परियोजना अधिकारी एम एस. सिदार अमड़ीपारा के साथ ब्लॉक के अन्य पंचायत में बारिश के पानी रोकने हेतु जल संरचना निर्माण में योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने प्रयास में लगे हैं।

दिल्ली में केंद्र सरकार के जल शक्ति पोर्टल में भी राजपुर के जल संरक्षण संरचना की तस्वीरें कवर की गई हैं जिससे इलाके में निंजी भूमि, खेतों में जल संरक्षण संरचना निर्मित किये जाने के लिए जन चेतना बढ़ी है।

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