- थाना सीतापुर के एक करोड़ के उठाईगिरी के मामले का खुलासा.
- प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संयुक्त पुलिस टीम के द्वारा छत्तीसगढ़, झारखण्ड, उडिसा क्षेत्र के संभावित स्थानों का करीब 500 सीसीटीव्ही फुटेज का किया गया अवलोकन.
- प्रकरण में फुटेज अवलोकन, तकनीकी विश्लेषण एवं अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर संदेहियों की गई पहचान.
अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
प्रकरण पंजीबद्व उपरांत प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक सरगुजा डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री रितेश चौधरी के नेतृत्व में प्रकरण के अज्ञात आरोपियों के गिरफ्तारी एवं जेवर बरामदगी हेतु साइबर सेल अम्बिकापुर एवं थाना सीतापुर की संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया।
प्रकरण के विवेचना दौरान घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी वीडियो फुटेज प्राप्त कर संयुक्त टीम के द्वारा बारीकी से जांच एवं अवलोकन किया गया। जो दो मोटरसाइकिल में चार संदिग्धों द्वारा मिलकर व्यवसायी के कब्जे से बैग लेकर भागते हुए दिखे। सीसीटीव्ही फुटेज के माध्यम से उनके रूट को फॉलो किया, जिनका रूट सरगुजा क्षेत्र के ग्राम गेरसा, जिला जशपुर क्षेत्र कांसाबेल, कुनकुरी, सिंगीबहार, दीगर राज्य झारखण्ड क्षेत्र कुरडेग, खैरनटोली, सिमडेगा इत्यादि एवं दीगर राज्य उड़िसा के सुन्दरगढ़ एवं अन्य संभावित स्थानों को सीसीटीव्ही फुटेज का अवलोकन कर स्पष्ट किया गया। प्रकरण के विवेचना दौरान पुलिस टीम के द्वारा सभी संभावित स्थानों के करीब 500 सीसीटीव्ही फुटेज एवं तकनीकी विश्लेषण कर अवलोकन किया गया है, जो प्राप्त सीसीटीव्ही फुटेज एवं हुलिया के आधार पर अलग-अलग राज्यों के पुलिस से समन्वय स्थापित कर संदेहियों का पहचान कराया गया। मोटर साइकिल सवार चांटी दास निवासी ग्राम सोर्डा जिला गजाम उड़ीसा एवं नागेश्वर राव निवासी नारायणपुर थाना कोटिनाडा जिला गंजाम उड़ीसा के रूप में पहचान की गई।
प्रकरण में उक्त आरोपियों की पहचान एवं जानकारी मिलने पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री रितेश चौधरी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल के कुशल मार्गदर्शन में साइबर सेल एवं थाना सीतापुर की संयुक्त टीम को आरोपियों पता-तलाश हेतु तत्काल जिला गंजाम उड़ीसा भेजी गई। साइबर सेल अबिकापुर एवं थाना सीतापुर की संयुक्त टीम द्वारा उडिसा राज्य की स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों के हर संभावित ठिकानों पर लगातार 10 दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान स्थानीय पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही चांटी दास बीते रात दिनांक 16 अगस्त 2026 अपने घर आया था। मुखबिर के सूचना के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम जिला सरगुजा एवं थाना प्रभारी शोर्डा, थाना प्रभारी आश्का जिला गंजाम की पुलिस टीम द्वारा संदेही चांटी दास के घर पहुंची जो घर पर ताला बंद था। मुखबिर की सूचना के आधार पर विधिवत रूप से तलाशी ली गई। जो संदेही चांटी दास अपने घर पर नहीं मिला। संदेही के घर की तलाशी पर संदेही द्वारा अपने घर में सीतापुर के चोरी के जेवरात को छिपाकर रखे गए करीब 300.92 ग्राम सोने के आभुषण कीमती करीब 43 लाख रूपये एवं चांदी के आभूषण करीब 1 किलो 168 ग्राम कीमती करीब 03 लाख रूपये का गवाहों के समक्ष विधिवत् रूप से जप्त किया गया है।
प्रकरण के आरोपी चांटी दास निवासी ग्राम सोर्डा जिला गजाम उड़ीसा, एवं नागेश्वर राव निवासी नारायणपुर थाना कोटिनाडा जिला गंजाम, उड़ीसा एवं प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों का पता-तलाश किया जा रहा है।
उपरोक्त प्रकरण के खुलासा करने में साइबर सेल अम्बिकापुर से प्रभारी साइबर सेल सउनि अजीत मिश्रा, प्र.आर. भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, आरक्षक अशोक यादव, अनुज जायसवाल, मनीष सिंह, अमन पूरी, राहुल केरकेट्टा,एवं थाना सीतापुर से थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह, उपनिरीक्षक रघुनाथ भगत, प्रशिक्षु उनि अनिल कुमार, प्रधान आरक्षक तीजराम पैंकरा, आरक्षक राकेश यादव, महेन्द्र नाग, थाना मणीपुर से आरक्षक उमाशंकर साहू, कुशकुमार सोनी इत्यादि की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
उपरोक्त प्रकरण के सहयोग में एसडीओपी आश्का श्री सौरव रंजन प्रधान, थाना प्रभारी/निरीक्षक आश्का सुधीर कुमार, निरीक्षक दीप्ती रंजन बेहरा, प्र.आर. पंचानन, आर. मनोज कुमार बरूण कुमार, हेमंत कुमार इत्यादि की पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही।





