अंबिकापुर।राजपुर।लुंड्रा
(समाचारवाणी)
राजपुर ब्लॉक के बरियों से धौरपुर को जोड़ने वाले मार्ग में गागर नदी में आज सुबह बाढ़ आने से आज चार घंटे तक इस मार्ग में आवागमन थमा रहा। और वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।आज रात, कल दिन भर तेज बारिश होने से गागर नदी सुबह तूफान पर रही और लबालब बहाव होने के कारण गागर नदी के पुल के ऊपर से कई फीट ऊंचा पानी बहता रहा, जिससे भिलाई खुर्द चांगोरी, पडोली, बाटीडांड,धौरपुर, लुंडरा,चंद्रेश्वरपुर बरियों,भेसकी क्षेत्र के ग्रामीणों का आवागमन बाधित रहा। इस मार्ग में आवागमन करने वाले सरकारी कर्मचारी,शिक्षक स्कूली छात्र-छात्राओं, दूध बेचने वालों और किसानों को आज गगर नदी में उफान आने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लुंडरा ब्लॉक से बह कर आने वाले इस गागर नदी में तेज बारिश के बहाव में लकड़ी कचरा का पुल पर अंबार लग गया और निर्माणाधीन पुल के स्लैब भी पानी में डूबे रहे।
यहां पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण आने जाने वालों को खतरे का सामना करना पड़ रहा है। पुल के दोनों और गति अवरोधक नहीं होने या सूचना बोर्ड नहीं होने से रात में सफर करने वालों को खतरा बना हुआ है। राजपुर और धौरपुर को दो ब्लॉक को जोड़ने वाले इस गागर नदी पुल में कई फीट ऊंचे पानी की लहरें उफान पर रही और दोनों और ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा।
नए पुल धसने से मार्ग का आधा हिस्सा बाहर..
बारियों से धौरपुर मार्ग पर गागर नदी के पल के समानांतर एक नए पुल का निर्माण किया जा रहा है।इस बार बारिश से पूर्व नए पुल बनाने के लिए मुख्य सड़क के दाएं और बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए और निर्माण अधूरा रहा।कई स्थानों पर सरिया स्लैब डालकर छोड़ दिया गया है। मुख्य मार्ग में गड्ढों में पानी भरने से सड़क का एक हिस्सा धसने लगा है,जिससे मुख्य मार्ग पर कभी भी दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ध्यान न दिए जाने से इस मार्ग में कोई संकेतक,चेतावनी का बोर्ड नहीं होने से सीधे-साधे ग्रामीणों के लिए यह मार्ग काफी खतरनाक हो सकता है।




