अंबिकापुर। राजपुर
(समाचारवाणी)
बलरामपुर जिले के राजपुर में ओकरा-पतरापारा मार्ग में गेउर नदी में बाढ़ आने से आज 3 घंटे तक आवागमन रुका रहा। इस दौरान मार्ग में गुजरने वाले कई राहगीर और बाइक सवार दोनों और रुक रहे,और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई।
सुबह 11:00 बजे से 2:00 तक गेउर नदी के पुल पर 2 फीट तक पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ। राजपुर ओकरा कोठी पत्थरऔर कोर्गी अमदारी जाने के इस प्रमुख मार्ग पर स्थित पुल पर तेज बारिश के कारण पुलिया का ऊपरी हिस्सा पानी में डूबा रहा और दोनों और ग्रामीण और वाहन चालकों को रुकना पड़ा।जलस्तर कम होने पर एवं बहाव सामान्य होने पर आवागमन सुचारू रूप से होने लगा। आज इस पुल पर बाढ़ आने के बावजूद कई लोग अपने वाहन से पुल पार करते रहे और कुछ ग्रामीण भी जोखिम लेकर पुल पार करते दिखे। इस दौरान प्रशासन की लापरवाही सामने आई और पुल के दोनों और ग्रामीणों को रोकने वाला कोई नहीं था।
किसी पुलिसकर्मी या कर्मचारी के नहीं होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रही। गेउर नदी के इस पुल पर तेज बारिश के बाद हर साल जलस्तर बढ़ जाता है और बाढ़ की स्थिति होती है। पूर्व में प्रशासनिक स्तर पर उनके दोनों और पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई जाती थी लेकिन आज किसी पुलिसकर्मी के नहीं होने से वाहन चालकों की आवाजाही बनी रही जो की एक खतरनाक स्थिति रही।
सावन सोमवार पर कोठी पत्थर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की आज बड़ी संख्या में इस पुल से आवा जाही रही राजपुर और ओकरा क्षेत्र से कोठी पत्थर ओंकारेश्वर शिव मंदिर पर कांवर लेकर जाने वाले की संख्या भी रहती है,और स्थानीय श्रद्धालु भी सावन में जलाभिषेक करते हैं। आज सावन के पहले सोमवार पर राजपुर अंचल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन भी गेउर नदी के इस पुल से रहा लेकिन गेउर नदीओकरा में बाढ़ आने से श्रद्धालुओं को पुल के दोनों और रुकना पड़ा। ज्ञात हो कि इस पुल के दोनों और चेतावनी के बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं, ना ही कोई गतवधक है।अगर रात में इस पुल पर बाढ़ आती है तो कोई बड़ी दुर्घटना भी घटित होने की आशंका से ग्रामीण सहमें हुए हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पुल के समानांतर एक नए पुल निर्माण के लिए प्रशासन से मांग की है जिससे कि अधिक ऊंचाई के पुल से बाढ़ से निजात मिल सके।






