शंकरगढ़।बलरामपुर
(समाचारवाणी)
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी हमेन्द्र कुमार के द्वारा लिखित सूचना दिया कि जशवंतपुर में बाघु टोंगरी के पास एक पिकप वाहन एवं कार वाहन खड़ी थी। पिकप में मवेशी तस्कर मवेशी लोड कर रहे थे,जो गांव वालों को देखकर पिकप और आर्टिका का चालक गाड़ी लेकर भाग गया। मौके पर एक आरोपी तथा मवेशियों के चारों पैर बंधे हुये मिले। उक्त सूचना पर स्टॉफ के साथ मौके पर जाकर आरोपी से पूछताछ किया गया।
उसने अपना नाम कौशर अंसारी पिता अलबुद्दीन अंसारी उम्र 32 साल साकिन जाति मोमिन साकिन मानपुर थाना रंका जिला गढ़वा (झारखण्ड) बताया तथा अपने कथन में आरोपियों ने बताया कि यह तथा इसके साथी मिल्लत अंसारी, सोनू उर्फ नुरुल हसन तथा अन्य लोगों साथ मिलकर पिकप वाहनों से मवेशी सीतापुर क्षेत्र तथ अन्य क्षेत्रों से पहाड़ी पर इकट्ठा कर पिकप में भरकर बूचड़खाना झारखण्ड ले जाते थे आज भी बाघु टोंगरी जशवंतपुर में इकट्ठा किया हुआ मवेशी को पिकप में भर रहे थे। गांव वाले के आ जाने से पिकप तथा पायलेटिंग में खडी गाड़ी आर्टिका क्रमांक CG 12- BF-6072 के ड्राईवर गाड़ी लेकर भाग गये, तथा कुछ मवेशी जिनके पैर नहीं बंधे थे जंगल की ओर भाग गये। मौके पर क्रूरता पूर्वक पिकअप में 03 नग मवेशी जिनके चारों पैर तथा गर्दन आपस में बंधे हुये थे जिन्हें आरोपी कौशर अंसारी से बरामद किया गया है।अन्य आरोपी के पता तलाश के दौरान फरार आर्टिका कार क्रमांक CG 12- BF-6072 के चालक सोनू उर्फ नुरुल हसन पिता श्री शमीम खान उम्र 25 साल साकिन मुरका थाना राजपुर जिला बलरामपुर-रा.गंज को हिरासत में लेकर कार को जप्त किया गया है।
प्रकरण में आरोपी कौशर अंसारी पिता अलबुद्दीन अंसारी उम्र 32 साल साकिन जाति मोमिन साकिन मानपुर थाना रंका जिला गढ़वा (झारखण्ड) एवं मिल्लत अंसारी पिता इदु अंसारी उम्र 27 साल साकिन मानपुर थाना रंका जिला गढ़वा (झारखण्ड), सोनू उर्फ नुरुल हसन पिता श्री शमीम खान उम्र 25 साल, निवासी मुरका थाना राजपुर जिला बलरामपुर. को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है। संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी रविन्द्र प्रताप सिंह, सउनि रफैल तिर्की, आर. बबलू बेक, बिजेन्द्र भगत, रामप्रताप यादव, मनोज कुजूर की सक्रिय भूमिका रही।
अपराध क्रमांक 98/2026 धारा छ.ग. कृषक पशु परि. अधि. 2004 की धारा 4,6,10, पशु क्रूरता का निवा.अधि. 1960 की धारा 11 (1) (घ) के तहत कार्यवाही हुई।




