सूरजपुर (समाचारवाणी)
- एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्राचार्य एवं अधीक्षका के कार्य प्रणाली एवं मनमानी सहित गरीब आदिवासी छात्राओं के ऊपर हो रहा है अत्याचार।
- बच्चों के ऊपर प्रताड़ना को लेकर एकलव्य स्कूल के छात्र-छात्राओं ने आज सुबह 6:00 बजे से लेकर 10:00 बजे तक किया चक्का जाम।
प्रतापपुर
एकलव्य आवासीय विद्यालय के लगभग दो सौ से भी अधिक छात्र व छात्राएं विद्यालय से लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित जनपद पंचायत कार्यालय ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने बीच सड़क पर करीब 4 घंटा से सड़क के बीच में बैठकर चक्का जाम कर दिए तथा एकलव्य आवासीय विद्यालय से हॉस्टल के अधीक्षक एवं प्राचार्य को हटाने को मांग पर अड़े रहे । आंदोलन में शामिल छात्र छात्राओं ने सूरजपुर कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे, ताकि अपने समस्याओं से अवगत कराते हुए तत्काल दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। इन्होंने दोषियों को सस्पेंड करने के मांग की है।
एकलव्य आवासीय विद्यालय प्रतापपुर के बच्चे जमकर नारेबाजी करते हुए शासन प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे। इन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अधिकारियों को शिकायत के बाद में भी आज तक किसी प्रकार का कार्यवाही नहीं किया गया जिसके कारण हॉस्टल अधीक्षक एवं प्राचार्य की मनमानी बढ़ती गई। आरोप लगाया कि सही समय पर खाना नहीं देना, गुणवत्ता विहीन सामान देना, शिकायत करने पर मारपीट करना आम हो गया था, जिससे हॉस्टल के सभी आक्रोशित छात्राओं ने आज नगर में रैली निकालते हुए बीच सड़क पर चक्का जाम कर दिया।चक्का जाम से मुख्य सड़क मार्ग के दोनों और वाहनों की लंबी लाइन लग गई। वही सभी ने जब गरीब आदिवासी बच्चों को चक्का जाम करते हुए देखा तब उनके समर्थन में सैकड़ो लोग आ गए और शासन प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने लगे। गरीब आदिवासी बच्चों का किस तरह से शोषण किया जा रहा है यह कोई नई बात प्रतापपुर में नहीं है।
छात्र छात्राएं आक्रोशित होते हुए किसी अधिकारी का बात नहीं सुन रहे थे जिससे अधिकारी सहित प्रशासन ने कार्यवाही शुरू की और पुलिस के द्वारा भी चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दिया गया था ।स्कूल के प्राचार्य व अधीक्षिका को हटाने की मांग को लेकर धरने बैठे हुए छात्र छात्राओं ने करीब 4 घंटा जनपद कार्यालय के सामने बीच सड़क पर चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान मौके पर मौजूद बीईओ मुन्नू सिंह धुर्वे बच्चों से धरना समाप्त करने की अपील कर रहे थे, पर बच्चों का कहना था कि जब तक कलेक्टर नहीं आ जाते तब तक धरने पर से नहीं उठेंगे। इस बीच लगभग एक घंटे तक मुख्य मार्ग में जाम की स्थिति भी निर्मित हो गई थी। इसके उपरांत एसडीएम दीपिका नेताम व तहसीलदार पुष्पराज पात्रे ने भी मौके पर पहुंचकर बच्चों से धरना समाप्त करने की समझाइश दी पर बच्चे फिर भी नहीं माने और कलेक्टर को बुलाने की जिद पर अड़े रहे ।बाद में मुख्य मार्ग को जाम कर धरने पर बैठे ह गया है। जहां बच्चे हाथों में प्राचार्य व अधीक्षिका को हटाने की मांग लिखी तख्तियां लेकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी जारी रखे । जब बच्चों से पूछा गया कि आप लोगों की क्या समस्या है तो उन्होंने कहा कि हम अपनी समस्या सिर्फ कलेक्टर को ही बताएंगे। सभी बच्चे न्याय चाहिए न्याय चाहिए के नारे लगाते हुए धरने पर रहे। एसडीएम दीपिका नेताम द्वारा बात करके समझाइश दी और कलेक्टर सूरजपुर से मोबाईल से बात कराई। कलेक्टर सूरजपुर द्वारा कार्यवाही के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ। दस बच्चों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से सीधी बात हेतु सूरजपुर रवाना हुए और संवाद किया। इधर एसडीएम,तहसीलदार, बीइओ प्रतापपुर की मौजूदगी में स्कूली बच्चों से बयान दर्ज किए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
आंदोलन में शामिल एकलव्य आवासीय विद्यालय प्रतापपुर से स्कूली बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो देखें।
समाचारवाणी डेस्क,अंबिकापुर



