गज दलों में लगातार बढ़ता भोजन के लिए संघर्ष और सिमटते वन से वन्य जीवन खतरे में, हाथी मानव संघर्ष का स्थाई समाधान कब तक..
बलरामपुर (समाचारवाणी)
आज फिर एक नर दंतैल की अज्ञात कारणों से मौत होने पर इलाके में सनसनी फ़ैल गई है।वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में बीते एक माह से 35 हाथियों का दल विचरण कर रहा है. इस दल में से एक हाथी की मौत हो गई है, जिसके बाद से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.वन परिक्षेत्र वाड्रफनगर के फोकली महुआ वन क्षेत्र में हाथी की मौत हुई है. मौके पर मौजूद वन अमला मौत की वजह पता लगाने में जुटा है. तीन डाक्टरों की टीम बलरामपुर डीएफओ के समक्ष हाथी का पोस्ट मार्टम करने की तैयारी में जुटी है. हाथी के शरीर पर किसी प्रकार का कोई चोट का निशान नजर नहीं आ रहा है.
इस मामले में जब मौत के कारण जानने की कोशिश की गई तो विभाग ने कहा है कि नर हाथी की मौत किस कारण से हुई है, इसका पता पीएम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा. फ़िलहाल, ग्रामीणों को हथियों के दल से दूर रहने की सलाह दी जा रही है. इस क्षेत्र में लगभग 35 जंगली हथियों का दल विचरण कर रहा है. वाड्रफनगर इलाक़े में लगातार वन इलाकों में हाथियों द्वारा मकानों, फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है,और वनवासियों की ज़िंदगी पर खतरा भी कम नहीं हो रहा है।
Samachar Vani news desk,ambikapur



