जंगल छोड़ अब शहरों की ओर भोजन की तलाश में पहुंच रहे हाथी

जंगल छोड़ अब शहरों की ओर भोजन की तलाश में पहुंच रहे हाथी

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  •  बलरामपुर जिले के वाडरफनगर इलाके में जंगली हाथियों से दहशत में जीते हैं ग्रामीण,
  • रात भर जाग कर हाथियों से परिवार, फ़सल बचाने के प्रयास में कई ग्रामों के ग्रामीण 








वाड्रफनगर(बलरामपुर)

समाचारवाणी न्यूज़  

बलरामपुर जिले के  वाड्रफनगर इलाके में एक लंबे अरसे से हाथियों की आमदरफ्त से ग्रामीण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं .ना बच्चे ठीक से स्कूल जा पा रहे हैं, वनवासी जंगल नहीं जा रहे हैं,ना किसान कोई काम कर पा रहे हैं. लाखों रुपए की फसल चौपट हो रही है .रातों को जागकर जान माल की सुरक्षा करते हैं. पहाड़ी कोरवा, पण्डो, कोडाकु जनजाति की बसाहट के साथ जंगल से जुड़े ग्रामीण वनवासी परेशान हैं, और हाथी मानव संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है. हाथियों को इलाके से दूर भगाने में नाकाम साबित हो रहा है  वन अमला.बलरामपुर वन मंडल के वार्डरफनगर वन परिक्षेत्र में भोजन की तलाश में गांव की जगह अब शहरों का रख कर रहे हैं ये जंगली हाथी.

किसानों की फसलों का हो रहा भारी नुकसान

वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र की मदनपुर, ककनेसा, पनसारा कोटरकी ,वाड्रफनगर नगर पंचायत कैलाशपुर ,मेंडारी, गुरुमुखी सहित दर्जनों गांव में करीब 400 किसानों की 300 एकड़ में खड़ी गेहूं, चना, मक्का, बाजारा और सरसों के फसलों जंगली हाथियों के दल ने रौंद कर तबाह कर दिया गया है. जिसकी वजह से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है. किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है. लगातार हाथियों के आतंक से ग्रामीण काफी सहमे हुए हैं और वन विभाग को से हाथियों को भगाने की अपील कर रहे हैं.

वन विभाग के नर्सरी में बने घर के साथ ट्यूबवेल को तोड़ा

जंगली हाथियों के दल वाड्रफनगर  से एक किलोमीटर की दूरी पर जंगल में अपना डेरा डाल रखा है और शाम होते ही गांव और शहरों की ओर हाथी निकल आते हैं. बीते दो दिन पहले हाथियों का दल अचानक शहर में वन विभाग के नर्सरी में घुसकर फलदार वृक्ष के साथ केला (Banana) एवं अन्य फसलों को खाने के साथ-साथ तबाह भी किया है. हाथियों ने नर्सरी परिसर में लगे ट्यूबवेल को भी उखाड़ फेंका, इतना ही नहीं नर्सरी परिसर में बने घर को भी तहस-नहस कर दिया. गनीमत यह थी कि नर्सरी में बने घर पर उस दौरान कोई चौकीदार नहीं था, वरना बड़ी क्षति हो सकती थी.

हाथियों के डर से हुए थे पांच स्कूल बंद 

करीब एक माह पहले हाथियों के डर से वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के ककनेसा गांव से लगे आसपास के पांच स्कूलों को जिले के जिला शिक्षा अधिकारी  के द्वारा बंद कर दिया गया था, पांचो स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई थी. रिहायशी इलाकों में भी वन विभाग के द्वारा मुनादी करा कर लोगों से जंगल की ओर और घर से बगैर काम के नहीं निकालने की अपील की गई थी. 

वन विभाग हाथियों को भगाने में हो रहा है नाकाम

वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में हाथियों की दल की मौजूदगी पिछले 40 दिनों से है. जंगली हाथियों के दल के द्वारा क्षेत्र के दर्जनों गांव में पहुंचकर तोड़फोड़ के साथ फसलों को काफी मात्रा में नुकसान पहुंचाया जा रहा है. वन विभाग की टीम स्थानीय लोगों की मदद से बम-पटाखे एवं मशाल जलाकर रिहायशी इलाकों से दूर भगाने की तमाम कोशिशें कर रहा है, लेकिन सारी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं. वन विभाग पूरी तरह से अब बेबस नजर आ रहा है, जिसका खामियाजा क्षेत्र के किसान भुगत रहे हैं.


Samachar Vani news desk, ambikapur 

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