श्रीराम कथा के आयोजन में 50 परिवारों के 120 लोगों की हुई घर वापसी

श्रीराम कथा के आयोजन में 50 परिवारों के 120 लोगों की हुई घर वापसी

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बलरामपुर (समाचारवाणी) 

बलरामपुर जिले के ग्राम कंदरी में प्राचीन श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित नौ कुंडीय श्रीराम महायज्ञ एवं वनवासी श्रीराम कथा का आयोजन आचार्य सतानंद महाराज के सानिध्य में किया गया है। कलचुरी कालीन इस प्राचीन श्री राम मंदिर में लगातार चल रहे नो कुंडी श्री राम महायज्ञ एवं श्री राम कथा में बड़ी संख्या में बलरामपुर सहित आसपास के जिलों के श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां पर मेले जैसा माहौल है। पहली बार इस तरह के आयोजन से यहां के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। ज्ञातव्य है कि अति प्राचीन भगवान श्री राम मंदिर का जीर्णोधार कराकर यहां पर विधिवत पूजा अर्चना की जा रही है। आज अंबिकापुर ,बलरामपुर, रामानुजगंज ,राजपुर ,शंकरगढ़, कुसमी चांदो, क्षेत्र के श्रद्धालुओं की मौजूदगी में श्री राम कथा के भव्य आयोजन में दर्शक भाव विभोर हुए।



बलरामपुर के कंदरी में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम महायज्ञ एवं वनवासी श्रीराम कथा के आयोजन में 50 परिवारों के करीब 120 लोगों की घर वापसी हुई। भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव की मौजूदगी में धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों का पांव पूजकर उनकी घर वापसी कराई गई। इससे पहले 80 परिवारों की घर वापसी कराई गई थी। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि धर्मांतरण देश की सबसे बड़ी समस्या है। यह धर्मांतरण नहीं राष्ट्रांतरण है।

                                                                                                                                        


     


घर वापसी कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कार्यक्रम के पूर्व पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि षडयंत्रकारी शक्तियां, मिशनरी हमारे भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करते हैं। सबसे बड़ी समस्या देश में धर्मांतरण नहीं राष्ट्रांतरण है।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में हिंदू अल्पमत में आए हैं, वह क्षेत्र भारत से कटा है। हिंदुओं को जगाने का काम मेरे पिताजी दिलीप सिंह जूदेव के समय से हम कर रहे हैं। घर वापसी अभियान को हम सब मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं।जहां हिंदू अल्पमत, वह क्षेत्र देश से कटा है।



Samachar Vani news desk, ambikapur 

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