अम्बिकापुर (समाचारवाणी न्यूज़)
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिक्षाविद् सेवा प्रभाग द्वारा नव विश्व भवन चोपड़ापारा अम्बिकापुर में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिये आयोजित उमंग समर कैम्प 2024 के पाँचवे दिन को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया गया। मैं सर्वशक्तिमान आत्मा हूँ और बच्चों को संतुष्टता रूपी गुण को जीवन में धारण करने की बात कही गयी।
सरगुजा संभाग की संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी बच्चों को एकाग्रता का महत्व बताते हुये कहा कि एकाग्रता सफलता की चाबी है। हम अपने विचारों को एक लक्ष्य देकर सही दिशा दे सकते है। हमारे मन में विद्युत तरंग है, जिस पर ध्यान एकाग्र करने से मन की शक्ति तेजी से काम करने लगता है। जब हमारा मन एकाग्र होता है, तो कार्यक्षमता बढ़ जाता है और मन में दृढ़ता की शक्ति आती है, जिससे कोई भी कार्य आसानी से हो जाता है। आगे उन्होंने बच्चों को एक्टिविटी कराते हुये कहा कि हमें अपने मन को कमाण्ड देना है, तथा हर कार्य को करने के लिये हमेशा टाइम बॉण्ड होना चाहिये जिससे कम समय में अधिक कार्य कर सकते है। एकाग्रता से हमारे अन्दर निर्णय शक्ति, स्मरण शक्ति और मनोबल की शक्ति में वृद्धि होती है। जिससे मन शांत हो जाता है, सकारात्मक ऊर्जा आती है एवं मानसिक संतुलन बना रहता है तथा बुद्धि हमारी स्मरण शक्ति का केन्द्र है। एकाग्रता के लिये रूचि, चित्रीकरण और पर्याप्त मात्रा में जल पीने से पढ़ाई कम समय में अधिक याद कर सकते है।
एकाग्रता की शक्ति को सदा कायम बनाये रखने के लिये हमको बुरे संग ,मोबाइल से, गलत साहित्य, बुरे समाचार, खराब सिनेमा देखने और नकारात्मक खबरें पढ़ने से बचना होगा क्योंकि वर्तमान समय सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग करने से मन की 80 प्रतिशत ब्रेन की शक्ति नष्ट होती है, इसलिये जितना आवश्यक हो उतना ही अच्छे कार्य के लिये सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिये यदि जीवन में एकाग्रता की शक्ति नहीं होगी तो हम जीवन में सफल भी नहीं हो सकते है। अन्त में बच्चों को कॉमेन्ट्री के माध्यम से मेडिटेशन कराया गया सभी बच्चों ने गहरी शांति की अनुभूति किया।
ब्रह्माकुमारी पार्वती बहन ने बच्चों को समय का महत्व बताते हुये कहा कि अगर हमें समय काओ सदुपयोग करना आ जाये तो हम अपने जीवन में आसानी से आगे बढ़ सकते है। हमें समय का योजना बनानी होगी, सुबह जल्दी उठना होगा, नया सीखने की इच्छा सदैव मन में बनाये रखना होगा, जरूरी कार्य का लिस्ट बनाकर रखना होगा, आलस्य अलबेलेपन को छोड़ते हुये सदा अपनी चेकिंग करते रहना चाहिये एवं मेडिटेशन को अपने रोज के जीवन में अवश्य शामिल करना है तथा सदा मिलकर कार्य करना चाहिये, इन सब गुणों को जीवन में आत्मसात करने से महान व्यक्ति बन सकते है।
आज बच्चों के अन्दर के भय को समाप्त करने एवं उनके अन्दर की छिपी श्रेष्ठ भावनाओं को व्यक्त करने के लिये भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया दीदी यह भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका विषय था मेरे जीवन में परमात्मा का महत्व - जिसमें काफी बच्चों ने भाग लिया।
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| Samachar vani news desk, ambikapur |




