अज्ञात ठग शिक्षक को नशीली प्रसाद खिला दस लाख ले उड़े

अज्ञात ठग शिक्षक को नशीली प्रसाद खिला दस लाख ले उड़े

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अंबिकापुर (समाचारवाणी न्यूज़) 

सायबर ठग के नित नए कारनामे सामने आने से लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। इस बार नए तरीके से ठगी की गई।अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल पर बातचीत करते हुए सरगुजा के एक शिक्षक को घर पर घूमने के बहाने प्रसाद के नाम पर नशीली मिठाई खिला कथित तौर पर दस लाख रुपए आलमारी से निकाल फरार होने से सनसनी फैल गई।

इस मामले में मणिपुर पुलिस ने जहर खुरानी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगी की रकम को लेकर पुलिस ने संदेह जताते हुए कहा है कि बैंक खाता की जांच करने पर ही रकम का स्पष्ट अनुमान लग पाएगा। शहर से लगे ग्राम बरढोढी सरनापारा निवासी शिक्षक जगसाय राजवाड़े ने मणिपुर थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मैं शा. पूर्व मा. शाला परसोडी खुर्द में शिक्षक के पद पर कार्यरत हूं। नागपुर (महाराष्ट) का अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल से बातचीत करते हुए उनसे पहचान बनाया था। उनके बीच कुछ महीनों से बात बीच हो रही थी। दिनांक 29.04.2024 को लगभग 3.00 बजे दोपहर उक्त मोबाईल धारक मेरे घर घुमने के मकशद से आया उस समय हम लोग घर में परिवार सहित थे वह व्यक्ति हमारे घरमें चाय पानी पीकर हर्बल प्रोडकट का काम है अम्बिकापुर जारहा हूं कहकर लगभग 05.00 बजे शाम अम्बिकापुर के लिये निकल गया। दूसरे दिन 30.04.2024 का लगभग 04.30 बज शाम किसी एक अन्य व्यक्ति को साथ लेकर हमारे घर आया उस समय घर में मैं अकेला था मेरी पत्नी व बच्चे घर से बाहर थे। मैं चुनाव प्रशिक्षण से वापस घर आया था ।मैं पानी लेने अंदर गया जब वापस उनके पास आया तो वह लोग मीठा प्रसाद के नाम  साथी ने नागपुर देवी का दर्शन कर प्रसाद ले के आया है ।और  उक्त व्यक्ति  एक थैला से प्रसाद निकाल कर मुझे दिया और वे दोनों मुझे प्रसाद खाने को बोले और में उनके द्वारा दिये गये प्रसाद को खाया एवं वे दोनों भी प्रसाद खाये और पानी पीये। मेरे लिये पानी नहीं था ।प्रसाद खाने के बाद मेरा गला सुखने लगा था तो मैं पानी पीने के लिये घर के अंदर रसोई रूम जाकर पानी पीया ,फिर मुझे चक्कर सा लगा और मैं अचेत हो गया और जमीन में मैं लुढक गया। थोडी देर में मुझे होश आया तो देखा की मेरी पत्नी और लडका पास खड़े थे मुझसे पूछ रहे थे कि क्या हुआ ।तब मैं उन्हे प्रसाद खिलाने वाली घटना को बताया उस समय वे दोनों व्यक्ति हमारे घर से भाग गये थे। मोबाईल नंबर की धारक एवं उसके साथी द्वारा मेरे साथ कोई अपराध घटित करने की नियत से वे कोई नशीला या विषैला प्रदार्थ प्रसाद में मिलाकर मुझे खिला दिये थे जिससे में अचेत हो गया था। शिक्षक ने बताया कि मकान बनवाना चाहते थे, इसलिए पिछले चार साल से वेतन निकालघर के आलमारी में रख रहे थे। जिससे आलमारी में करीब दस लाख रुपए रखा हुआ था। जब उन्हें होश आया तो उन्होने आलमारी में रखा उक्त रकम गायब पाया। अब मामला दर्ज कर इस जहरखुरानी और ठगी मामले की सरगुजा पुलिस विवेचना कर रही है ।


Samachar Vani news desk, ambikapur 

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