अंबिकापुर (सरगुजा)
समाचारवाणी
सरगुजा जिले में उदयपुर ब्लॉक अंतर्गत एक गांव में जंगली भाजी खाने से एक ही परिवार के 5 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। इस गांव की मितानिन व पंचायत सचिव की सूचना पर गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम द्वारा उनका इलाज शुरु किया गया। इसी बीच 23 जुलाई को 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता व 2 भाइयों का इलाज जारी है। 24 जुलाई को अंबिकापुर से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और कैंप लगाकर जांच की। फिलहाल परिवार के 4 अन्य सदस्यों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
उदयपुर ब्लॉक के ग्राम खुज्जी निवासी नारायण मझवार के घर 20 जुलाई की रात बोदेला नामक भाजी बनी थी। नारायण मझवार समेत उसकी पत्नी बंधई, बेटी फुलमतिया तथा 2 पुत्रों आकाश व बैशाखू ने चावल के साथ सब्जी खाई। सब्जी खाने के बाद से ही उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत शुरु हो गई।
परिवार के सभी सदस्य फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए थे। तबियत बिगडऩे की सूचना मिलते ही पंचायत सचिव व मितानिन ने इसकी जानकारी उदयपुर स्वास्थ्य टीम को दी। सूचना मिलते ही टीम नारायण के घर पहुंची और उनका इलाज शुरु किया। इसी बीच 23 जुलाई को पुत्री फुलमतिया की मौत हो गई।
परिवार के अन्य सदस्यों का कैंप में इलाज़ ज़ारी
इधर परिवार के अन्य 4 सदस्यों का इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नारायण मझवार की बाड़ी में ही उक्त भाजी उगी हुई थी। पिछले कई वर्षों से वे इस भाजी को खाते आ रहे थे, लेकिन कभी भी वे बीमार नहीं पड़े थे, इस बार ही ऐसा हुआ। घटना की सूचना मिलते पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा कलेक्टर सरगुजा के निर्देश पर इस गांव में अंबिकापुर के डॉक्टरों द्वारा भी स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया और आसपास के घरों में जाकर प्रभावितों की निगरानी की जा रही है। इस इलाके में साफ सफाई और मौसमी बीमारियों से बचाने हेतु आवश्यक प्रबंध भी किया जा रहे हैं। फिलहाल प्रभावितों की स्थिति खतरे से बाहर है। सभी बीमार सदस्यो की चिकित्सा जारी है।
बारिश के मौसम में कुछ पुटू-खुखड़ी और भाजी खतरनाक
स्वास्थ्य अमले ने दो दिनों तक खुज्जी में बारिश के सीजन में जंगली पुटू, खुखड़ी और भाजी का सेवन न करने की सलाह दी है। कुछ पुटू और खुखड़ी भी विषाक्त होते हैं। जिनसे फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। ग्रामीणों को पानी उबाल कर पीने की भी समझाईश दी जा रही है। सरगुजा जिले के मैनपाट, लखनपुर, उदयपुर और बतौली विकासखंड के कई गांव मौसमी बीमारियों के लिए अति संवेदनशील माने जाते हैं।
गांव में स्थिति नियंत्रण में-स्वास्थ्य विभाग
सरगुजा सीएमएचओ डॉ. आर.एन. गुप्ता ने कहा कि, खुज्जी में फूड पॉइजनिंग से एक 15 वर्षीय बालिका की मौत हुई है। गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया था। अब परिवार के अन्य सदस्य खतरे से बाहर हैं। गांव में अन्य पीड़ित नहीं मिले हैं। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने विषाक्त भाजी का सेवन किया था। गांव में शुद्ध पेयजल के लिए पर्याप्त हैंडपंप भी है। मैदानी अमला स्थिति पर नजर रखे हुए है। बहरहाल प्रशासन द्वारा सर्तकता बरती जा रही है और सभी दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों, विभागीय अमले,और उनके मैदानी कर्मचारियों को तत्काल सूचना देने को कहा गया है।
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