अंबिकापुर (सरगुजा)
समाचारवाणी, 27 july 24
एक बार फिर सरगुजा जिला चिकित्सालय की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।अंबिकापुर मेडीकल कॉलेज अस्पताल में सूरजपुर से आए भर्ती मरीज की सही ढंग से ऑक्सीजन न मिलने के कारण शुक्रवार की रात मौत हो गई। दरअसल नोजल में कुछ खराबी आ गई थी, इस वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। यह देख मरीज के परिजनों ने ड्यूटी में पदस्थ स्टाफ नर्स व नर्सों को कई बार बुलाया कि वे एक बार आकर देख लें, लेकिन वे नहीं आईं। ऐसे में मरीज ने अस्पताल के बेड पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया। मामले में मृतक के परिजनों ने नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की ।
कैसे हुई ये घटना
सूरजपुर जिले के ग्राम बांसापारा निवासी 50 वर्षीय रामचंद्र ठाकुर को फेफड़े में सूजन की शिकायत थी। परिजन ने उसे इलाज के लिए सूरजपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां से चिकित्सकों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
ऑक्सीजन के सहारे उसे संजीवनी 108 एंबुलेंस से सूरजपुर जिला अस्पताल से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल शुक्रवार को लाया गया था। यहां इमरजेंसी में देखने के बाद डॉक्टर ने इलाज के बाद वार्ड में शिफ्ट करा दिया।मरीज को वार्ड में भी ऑक्सीजन के सहारे रखा गया था। इसी बीच ऑक्सीजन के नोजल में कुछ खराबी आ जाने के कारण सही ढंग से सप्लाई नहीं हो पा रही थी।
स्टाफ नर्सों ने मरीज की परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया
मरीज के पुत्र संजय ठाकुर व दामाद मनोज द्वारा बार-बार इसकी जानकारी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ-नर्सों को दी गई, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कुछ देर बाद रात करीब 8 बजे मरीज ने दम तोड़ दिया। मरीज की मौत के बाद परिजन ने स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबन्धन इस मौत की जांच शुरू कराने की बात कर रहा है लेकिन लगातार मौत और अव्यवस्था बढ़ने से सरगुजा संभाग से यहां इलाज़ को पहुंचने वाले मरीज के परिजन चिंतित हैं।
आख़िर जाएं कहां
करोड़ों रुपए की मशीनों वाले इस एकमात्र मेडीकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौत ने सरगुजा वासियों को सिहरा दिया है। आखिर सीधे सादे मरीज महंगी चिकित्सा कैसे कराएं। वे कभी दलालों के चंगुल में फंसते हैं, कभी टेस्ट, लैब, सोनोग्राफी में लंबी कतार में खड़े होते हैं, कभी निजी चिकित्सालय के चक्कर काटते हुए ठगे जाते हैं। नागरिकों ने सरगुजा जिला प्रशासन, सांसद श्री चिंतामणी महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल से अस्पताल प्रबन्धन की खामियों को देखने, जनहित में आवश्यक पहल शुरू करने और सभी वंचितों , गरीबों, दूर दराज से आने वाले मरीजों को सही इलाज़ की व्यवस्था कराने की मांग की है। एम्स जैसे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सपने देखने वाला आम आदमी, स्वास्थ्य सुविधा जैसे बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं, और छः जिलों के बीच अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लोगों की सेहत और ज़िंदगी के आसपास मृगमरिचिका बना हुआ है।
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