सूरजपुर में डीईओ. ने की कार्यवाही एक लिपिक, दो भृत्य निलंबित
अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
सूरजपुर जिले में स्कूलों में वितरण के लिए पाठ्य पुस्तक निगम संभागीय गोदाम अंबिकापुर से पहुंची छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों को बड़ा हिस्सा रद्दी के साथ कबाडियो को 40 हजार रूपए में बेचे जाने का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। चौंकाने वाला यह मामला सामने आने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के भी होश उड़ गए।मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राम ललित पटेल के द्वारा कार्यालय में पदस्थ प्रभारी लिपिक अमर बेल एक्का, भृत्य जितेंद्र साहू और अजीत गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि जिले के करीब 300 निजी स्कूलों में वितरण के लिए मांग से करीब 8 से 10 फीसदी अधिक पुस्तकें पहुंची थी। अभी तक लगभग 150 स्कूलों ने पुस्तक ले लिया है जबकि शेष स्कूलों की पुस्तकें deo के शिक्षा विभाग के गोदाम में ही पड़ी हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि पुस्तकों को बेचे जाने की बांते सामने आने पर गोदाम में उपलब्ध पुस्तकों की गितनी कर मिलान किया जा रहा है, जिससे कितना वितरण हुआ और कितना शेष होना चाहिए था पता चल पाएगा। गिनती से ही गायब पुस्तकों की संख्या स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इस मामले के उजागर होने से विभाग में हड़कंप है। इधर पुस्तक से वंचित स्कूलों में अब शासकीय पुस्तकों की उपलब्धता आबंटन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति भी बन गई है।कई स्कूलों में पुस्तकों की कमी के बाद इस सत्र.में पर्याप्त पुस्तकों को उपलब्ध कराया गया था। रायपुर के बाद सूरजपुर में पुस्तक कबाड़ी को बेचने की ये दूसरी घटना आई है।जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मामले की पूरी जांच कराई जा रही है।
(Samachar vani news)


