अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
कभी जरूरतमंद को कपड़े और घरेलू सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम अंबिकापुर द्वारा निर्मित नेकी की दीवार अब लड़ाई झगड़े की जगह बनती जा रही है। दीपावली त्यौहार के दौरान यहां घरेलू सामान कपड़े देने वाले लोगों के आते ही कुछ महिलाओं के आज लड़ाई झगड़ा शुरू हो गया,बाद में पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ।
ज्ञात हो कि कुछ साल पहले स्टेडियम ग्राउंड के बाहर नगर निगम प्रशासन द्वारा सरगुजा कलेक्टर के निर्देश पर नेकी की दीवार स्थापित किया गया था। इस जगह शहर के समाजसेवी एवं नागरिकों महिलाओं द्वारा एवं कुछ संगठनों द्वारा गरीबों को कपड़े,मिठाई और घरेलू सामान दिए जाते थे। दीपावली पर कुछ नागरिकों द्वारा यहां पटाखे सहित दीपावली उपहार भी दिए गए थे।पहले निगम द्वारा ही इसका संचालन किया जाता था,लेकिन पिछले सालों में यहां आग लगने के बाद यहां की व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई। यहां कुछ असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा होने लगा। आज भी कई बेसहारों और भिखारीयों के लिए यह एक आश्रय की जगह है, और ठंढ में भिखारियों को गर्म कपडे, स्वेटर कंबल भी यहाँ दान दाताओं से मिलता रहा है।
कुछ समय से देखा जा रहा है कि कुछ जाने पहचाने चेहरे यहां दिखाई दे रहे हैं और ग्रामीण महिलाओं का एक गुट आता है और कपड़े लेकर आने वालों से छीना झपटी करने लगते हैं। इससे गरीब और जरूरतमंदों को कपड़ा नहीं मिल पा रहा है। कुछ गैरेज के लोग भी यहां से गाड़ी पोंछने उपयोग के लिए कपड़े ले जा रहे हैं,और यहां पर व्यवस्थित नेकी की दीवार का संचालन नहीं हो पा रहा है।यदि यहां पर किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए तो जरूरतमंदों को घरेलू वस्तुएं कपड़े आसानी से मिल सकते हैं इसके साथ ही बच्चों के खिलौने भी बच्चों को दिए जा सकेंगे। आज की लड़ाई झगड़ा होने के साथ ही नागरिकों ने निगम प्रशासन से हस्तक्षेप कर यहां पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की मांग की है, जिससे कि नेकी की दीवार का उचित संचालन हो सके।



