13 किसानों की धान फसल हाथियों की चपेट में, अलाव के सहारे ग्रामीण रतजगा को मज़बूर

13 किसानों की धान फसल हाथियों की चपेट में, अलाव के सहारे ग्रामीण रतजगा को मज़बूर

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राजपुर (बलरामपुर) 

(समाचारवाणी) 

बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र में 43 हाथियों के दल ने वन परिक्षेत्र के कई गांव में उत्पात मचाने के बाद में दूसरे वन क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है।35 हाथियों का दल बरियों सर्कल के पहाड़ी कोरवा बस्ती बाटीडांड के जंगल में बीती रात रहा और यहां पर 13 किसानों की धान की फसल चौपट कर दी।आज सुबह हाथियों का यह दल गागर नदी पार कर धौरपुर रेंज के कोथुवा गांव में डेरा डाले हुए हैं। राजपुर वन विभाग की टीम और निगरानी दस्ता हाथियों के आवाजाही पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी ओर चिलमा इलाके में एक पहाड़ी कोरबा को कुचलने के बाद आठ हाथियों का गज दल सेमेरसोत अभ्यारण के गांव की ओर निकल गया है।

 राजपुर के चांची सर्कल एवं बरियों सर्कल में पिछले तीन दिनों से उत्पात मचा रहे 35 हाथियों के दल ने चांची सर्कल के पांच और बरियों सर्कल के आठ किसानों के खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। उधर पस्ता इलाके में किस रात भर अपने खेतों की रखवाली अलाव जलाकर करते रहे। आज बरियों क्षेत्र के बाटीदान्ड,भिलाई खुर्द,भेसकी, बघिमा इलाके में रवि श्रीवास्तव एवं रेंज ऑफिसर महाजन साहू ने ग्रामीणों की बैठक लेकर हाथियों से दूर रहने की समझाइश दी और पंपलेट बाँटकर लाउडस्पीकर से सुरक्षा उपायों पर ग्राम वासियों को सचेत किया। गजराज वाहन से आसपास के इलाकों के गांव को अलर्ट किया जा रहा है,ताकि कोई भी जनहानि और फसल हानि ना हो सके आज शाम से ही बरियों क्षेत्र में वनपाल अमृत सिंह,श्रीमती मालती मांझी, इलासा मिंज बरियों प्रभारी,के साथ राकेश लकड़ा भूपेंद्र सिंह परमिट एकका, पुनीत सिंह ग्राम वासियों से के बीच में सघन प्रचार प्रसार में लग रहे, और इन्होंने गांव वालों को सुरक्षित रखने के लिए टॉर्च और मशाल हाथी मित्र दल के सदस्यों के साथ निगरानी दल को हाथियों के पीछे लगाया है।गांव-गांव में मुनादी करा कर हाथियों से बचने की सलाह दी जा रही है।जिधर हाथी का मूवमेंट होता है वहां पर बिजली सप्लाई काट दी जा रही  है,ताकि हाथियों को नुकसान से बचाया जा सके।आज एसडीओ रवि श्रीवास्तव एवं रेंज ऑफिसर महाजन साहू ने बताया कि 35 हाथियों के दल से गांव वालों को सुरक्षित करने के साथ पहाड़ी कोरबा बस्ती बाटी डांड,भिलाई खुर्द में कोरवा परिवारों को सुरक्षित रखना हमारे लिए चुनौती है,और हम पूरे तत्परता के साथ हाथियों से ग्रामीणों की रक्षा करने में जुटे हुए हैं।इधर सीमावर्ती इलाके में गांव वाले खलिहान और घर के सामने अलाव जलाकर रात भर हाथियों से पहरेदारी कर रहे हैं।कई ग्रामीणों ने जंगल किनारे से अपना आशियाना हटाकर सुरक्षित स्थान पर अपनी पनाह ले ली है। इधर धौरपुर रेंज ऑफिसर द्वारा गगर नदी के किनारे चंद्रेश्वरपुर इलाके में हाथियों से सुरक्षित रहने के लिए ग्राम वालों को सचेत किया है।



 गिट्टी खदान ब्लास्ट, और जेसीबी, ट्रैक्टरों के शोर से विचलित हो रहे हैं हाथी

 बरियों क्षेत्र के हाथी प्रभावित और पहाड़ी कोरवा बहुल बस्ती के बीच क्या यही इलाका गिट्टी क्रेशर खदानों के लिए मीनिंग का प्रमुख स्थान है।कोथुवा एवं चंद्रेश्वरपुर इलाके में कई गिट्टी खदानों से ब्लास्टिंग कर अवैध तरीके से बोल्डरों, पथर की निकासी की जा रही है, जिससे कि हाथियों के  प्राकृतिक रहवास पर बुरा असर पड़ रहा है। इधर ब्लास्टिंग के कारण पहाड़ी कोरबा बस्ती के स्कूल का एक कोना भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। अवैध माइनिंग और ब्लास्टिंग से गूंज रहा यह इलाका दिन भर हाथियों को आज विचलित करता रहा।

उप वनमंडलधिकारी राजपुर, रेंज ऑफिसर,बरियों, चांची, बासेन, राजपुर सर्किल के स्टॉफ, एवं हाथी मित्र दल के स्टॉफ  के द्वारा ग्राम बाटीडांड में 35नग जंगली हाथी से ग्रामीणों को सावधान व दूरी बनाये रखने का समझाइश दिया गया।ग्रामवासियों को हांथी देखने न जाने व जंगल किसी भी प्रयोजन से नहीं जाने , अवैध विद्युत हुकिंग न करने व खेत खलिहानों में कीटनाशक इत्यादि दवाओं का छिड़काव न करने की समझाईश दिया जा रहा है।साथ ही विद्युत कर्मचारियों के साथ अवैध एवं लूज विद्युत कनेक्शन हटवाया गया।


(समाचारवाणी वेब न्यूज़, अंबिकापुर)

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