बलरामपुर
(समाचारवाणी)
बलरामपुर के दहेजवार में तीन नर कंकाल मिलने के बाद में मां बेटी और पुत्र के इस जघन्य हत्याकांड के मामले का खुलासा मुख्य आरोपी मोहम्मद मुख्तार अंसारी के पकड़े जाने के बाद बलरामपुर पुलिस ने किया था।आज मामले में दूसरे आरोपी मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार करके लाने के बाद कुसमी पुलिस ने हत्याकांड के दोनों आरोपियों को राजपुर न्यायालय में पेश किया,जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।दोनों आरोपियों ने पकड़े जाने के बाद स्वीकारोक्ति के साथ इस लोमहर्षक हत्याकांड के मामले की विस्तार से पुलिस को जानकारी दी है.प्रेम प्रसंग के बाद में हत्या के इस चर्चित मामले के बाद इस हत्याकांड में मोहम्मद आरिफ के साथ मिलकर मुख्तार ने मां बेटी और पुत्र की निर्मम हत्या कर दी थी।पूरी कहानी काफी दर्दनाक है और प्रेम प्रसंग के बाद हत्या के इस मामले ने पूरे इलाके को सिहरा दिया है।
परत दर परत, प्रेम, विश्वास, साज़िश और ख़त्म हुई तीन ज़िन्दगी..
बलरामपुर के कुसमी थाने के प्रभारी संत लाल आयाम ने बताया कि 27 सितंबर से लापता सूरजदेव ठाकुर की पत्नी कौशल्या ठाकुर (37 वर्ष), बेटी मुस्कान ठाकुर और पुत्र मिंटू ठाकुर (6 वर्ष) के रूप में 27 सितंबर से 3 नरकंकालों की पहचान कुसमीथाने से हुई थी। हत्याकांड के मुख्य आरोपी मोख्तार (38) निवासी भंडरिया, झारखंड को कोर्ट से पुलिस ने शनिवार को 6 दिन की रिमांड पर लिया था। आरिफ अपने कमाए पैसे लड़की और परिवार पर खर्च कर रहा था । घर में पैसा नहीं भेजा जा रहा था। पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला कि मोख्तार का भी मृतक के घर आना-जाना था। मुस्कान की मां से मोख्तार का प्रेम संबंध बन गया था।
शंका और शादी से इंकार से रची गई ख़ूनी साज़िश
पुलिस के मुताबिक आरिफ को दोस्त के संबंध में दूसरे लोगों पर संदेह था, जिससे वह नाराज था। मुस्कान ने शादी से इंकार कर दिया था। मोख्तार और आरिफ ने दोनों की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने मो.आरिफ को चार दिन पहले महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लाया गया था। मोख्तार 26 सितंबर को कुसमी पहुंच और उन्होंने तीनों को बेतला नेशनल पार्क डालटनगंज घूमने के लिए कहा था।घूमने चलने तीनों तैयार हो गए और उन्हें बाइक पर बैठाकर चांदो की राह पर ले जाया गया। चांदों में चारों की मुलाकात आरिफ से भी हुई थी। आरिफ वहां से करचा चला गया था. वहां से वह रात को मोख्तार के घर पहुंचा। मोख्तार के घर में आरिफ के पहुंचने पर पांचों ने साथ में खाना खाया। तीनों तैयार हो गए और उन्हें बाइक पर बैठाकर चांदो की राह पर ले जाया गया। चांदों में चारों की मुलाकात आरिफ से भी हुई थी। आरिफ वहां से करचा गया । जब कौशल्या, मुस्कान और मिंटू सो गए तो आरिफ ने दोस्त मुस्कान के पेट में चाकू मार दिया। उसकी चीख चिल्लाकर कौशल्या जाग गई तो मोख्तार ने अपने व मस्कान के सिर पर टांगी मारकर बेहोश कर हत्या कर दी।मां-बेटी बेहोश हो गईं तो दोनों भाई उन्हें घर के बाहर लेकर आए और गले पर भी वार किया। इस बीच बेटे मिंटू ठाकुर की भी नींद खुल गई तो दोनों भाइयों ने सिर पर वार कर उसे भी मार डाला। तीनों की हत्या के बाद मोख्तार और आरिफ ने तीनों के शव को एक-एक कर धान के खेत में तालाब में फेंक दिया। लाशों को नाले में डालने के बाद घर में खून को साफ किया गया और दोनों भाग निकले। मोख्तार वहां से चैनपुर, झारखंड चला गया। वहीं आरिफ भी भाग गया था। दोनों भाइयों को पेशी पर अदालत में पेश किया गया, जेल पुलिस ने हत्या में उनके कब्जे से मोबाइल,टांगी और चाकू बरामद किया है। कुसमी पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धारा 103(1), 238, 140(3), 138(2) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें राजपुर कोर्ट में पेश किया। आज राजपुर कोर्ट से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
(Samachar vani news desk, Ambikapur)


