अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
एक नज़र में कार्यवाही की झलकियां- 2017 में महामाया पहाड़ पर अवैध कब्ज़े का गहराया था मामला.
- वर्ष 2022 में भाजपा नेता आलोक दुबे ने उठाया था मामला.
- प्रशासन द्वारा जांच में 468 लोगों द्वारा खैरबार, बधियाचुआं और नवागढ़ इलाके में अतिक्रमण किए जाने की हुई थी पुष्टि.
- 60 लोगों को बेदखली का दिया गया था नोटिस, लेकिन उस समय राजनीतिक दबाव के हारण नहीं हट पाया था.
- भाजपा की सरकार आने के बाद पुन: उठा मामला
- 15 जनवरी को अंबिकापुर पहुंचे वन मंत्री ने अतिक्रमण हटाने डीएफओ को दिए थे निर्देश.
- 17 जनवरी को अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया था 3 दिन का समय.
- नोटिस का समय खत्म होने पर 20 जनवरी को की गई कार्रवाई.
- पूरा इलाका छावनी में था तब्दील, 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की रही तैनाती.जिला पुलिस, वन, निगम अमला रहा तैनात.
- 40 अतिक्रमण हटाए गए. मकान जमींदोज़.
- मकानों में रह रहे लोगों का आशियाना टूटा. ठंढ भरी रात में टेंट में बिखरे सामान सहेजते, कठिनाई झेल रहे परिवार.
- हाईकोर्ट बिलासपुर में मामले की सुनवाई तक अगली कार्यवाही रुकी.




