राजपुर पुलिस ने उजागर किया सायबर अपराधियों के फ्रॉड करने का नया तरीका, दो साइबर ठग गए जेल

राजपुर पुलिस ने उजागर किया सायबर अपराधियों के फ्रॉड करने का नया तरीका, दो साइबर ठग गए जेल

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 राजपुर पुलिस ने उजागर किया सायबर अपराधियों के फ्रॉड करने का नया तरीका




 अंबिकापुर

(समाचारवाणी)

च्वाईस सेंटर पर एजेंट भेजकर ठगी करने वाले दो सायबर अपराधी को राजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर आज न्यायालय से जेल भेजा।अम्बिकापुर में लगभग 10 लाख एवं राजपुर में लगभग 186000/- रूपये की हुई ठगी के दो आरोपी कोधारा 318(4),3(5) बीएनएस एवं सूचना प्रोधौगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66 (डी) के तहत आरोपी मेराज अंसारी पिता आजाद अंसारी उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम ओलदहा थाना मारगो मुण्डा जिला देवघर (झारखण्ड)एवंअनुप कुमार चौबे पिता नागेन्द्र नाथ चौबे उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम केतात थाना रेहला जिला पलामू (झारखण्ड) हा. मु. शिवधारी कालोनी पीके श्रीवास्तव के किराये के मकान थाना गांधीनगर सरगुजा को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की

मामले में प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी राहुल कुमार कश्यप पिता शंकर कश्यप उम्र 24 वर्ष निवासी खुटनपारा, राजपुर में ही ग्राहक सेवा केन्द्र संचालित करता है।  दिनांक 23 अप्रेल के सुबह 11.00 बजे दो अज्ञात व्यक्ति ग्राहक सेवा केन्द्र आये और कई तरीके से गुमराह कर पैसा डालने के लिए खाता नंबर मांगने लगे। चॉइस सेंटर में एक परसेंट कमीशन लेकर पैसों का लेनदेन किया जाता है। सामान्य दिनों की तरह राहुल कश्यप ने अपना खाता नंबर दिया और उसमें  ट्रांजेक्शन से राशि आने पर एक लाख छयासी हज़ार आने पर उसने आरोपियों को कैश राशि दे दी।अकाउंट में डिपाजिट शो हुआ था। उनके जाने के बाद जब अकॉउंट देखा तो खाता होल्ड हो चुका था। फ्रॉड का पैसा आने पर बैंक द्वारा खाता फ्रीज़ कर दिया गया था। ठगे जाने का आभास होते ही इन्होंने पुलिस को सूचना दी।

थाना प्रभारी राजपुर ने घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा श्री दीपक झा, एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर  श्री वैभव बैंकर रमनलाल  द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विश्वदीपक त्रिपाठी एवं एसडीओपी कुसमी ईमानुल लकड़ा को कार्यवाही के निर्देश दिए।

थाना प्रभारी राजपुर कुमार चंदन सिंह द्वारा पुलिस टीम लेकर प्राप्त सूचना के आधार पर राजपुर के क्षेत्र के सभी सीएससी सेंटर को आगाह किया गया एवं जाँच शुरू की गई। सभी साइबर कैफ़े, चॉइस सेंटर से जानकारी जुटाई गई। तफ़शीष पर सूचना मिली कि अन्य सीएससी सेंटर से भी खाता नम्बर लेकर दो लोग गये हैं जो चौधरी गेस्ट हाउस में रूके हुये हैं। सूचना पर सक्रिय हुई राजपुर पुलिस ने घेराबंदी कर दो व्यक्यिों को पकड़ा।

  पूछताछ पर दोनों आरोपियों ने बताया कि वे झारखण्ड के रहने वाले हैं,एवं देवघर का रहने वाला राहुल उर्फ शंकर दादा द्वारा दोनो को एजेन्ट बनाकर छत्तीसगढ़ के राजपुर एवं अम्बिकापुर भेजा गया था।  इन्होनें अम्बिकापुर में लगभग 10 लाख की ठगी की एवं राजपुर में 186000/- रूपये की ठगी की और अन्य दुकानदारों से ठगी का प्रयास किया गया।राजपुर में एक और चॉइस सेंटर पहुंच कर दस लाख ठगी का प्रयास किया गया था। पुलिस की ततपरता से दूसरे कई चॉइस सेंटर ठगी से बच गए और एक संगठित गिरोह पकड़ा गया। पुलिस गैंग के हैंडलर सरगना जो देवघर झारखण्ड से निर्देश देता था उसे तलाश कर रही है।

पुलिस ने आज आरोपियों की पहचान परेड कराकर उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा है।

इस पूरी कार्यवाही में निरीक्षक कुमार चंदन सिंह, उप निरीक्षक दिनेश राजवाडे, प्र. आर. राजेन्द्र ध्रुव, श्यामलाल भगत, आरक्षक अमृत सिंह, रूपेश कुमार गुप्ता, नरेश तिर्की, मोती राम राजवाडे, नरेन्द्र कश्यप लेखवर राम, एवं अन्य स्टाफ शामिल रहे।

(Samachar vani news desk, ambikapur) 

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