राजपुर (बलरामपुर)
(समाचारवाणी)
आज युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं राजपुर के पूर्व जनपद सदस्य नीरज तिवारी के नेतृत्व में बरियों क्षेत्र के ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बरियों नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर ककना,सीधमा,अखोरा- कल्याणपुर मार्ग एवं चांची से खुखरी, कुंदी, बदौली मार्ग में बड़ी ट्रकों हाईवा, मालवाहक वाहनों के आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा है कि यदि इन मार्गो पर भारी वाहनों का परिचालन बंद नहीं किया जाता तो ग्रामीण 5 दिनों बाद सामूहिक प्रदर्शन एवं चक्का जाम करेंगे।
ज्ञात हो कि मुख्य मार्ग एनएच 343 सड़क के खराब होने के बाद से ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के अनाधिकृत रूप से आवागमन करने से सड़कों का बुरा हाल है। ग्रामीण सड़कों पर जगह जगह बड़े बड़े गड्डे होते जा रहे है। इस मार्ग पर शाम से सुबह तक भारी मालवाहक ट्रक और यात्री बसों का भी आवागमन हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और सड़क भी जगह जगह टूट रही है।
युवा नेता नीरज तिवारी ने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी राजपुर, तहसीलदार बरियों एवं थाना प्रभारी राजपुर, चौकी प्रभारी बरियों को मौखिक रूप से आग्रह करके इस मार्ग पर अनाधिकृत रूप से वाहनों के परिचालन को बंद करने का निवेदन किया गया था, परन्तु 20 दिन के बाद भी प्रशासन एवं पुलिस द्वारा किसी प्रकार का पहल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे ग्रामवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो रहा है।
ज्ञापन सौपने गए ग्रामीण,प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यदि आगामी 5 दिनों के भीतर ककना से अखोराखुर्द, कल्याणपुर मार्ग एवं चांची से कुंदीकला, बदौली अखोराखुर्द मार्ग पर भारी वाहनों के अवैध परिचालन को रोकने प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किया जाता है, तो प्रभावित ग्रामीणों के साथ उक्त मार्ग पर चक्का जाम कर वृहद विरोध प्रदर्शन करने बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने में ब्लाक कांग्रेस उपाध्यक्ष बृजेश मिश्रा, राजेंद्र श्रीवास्तव, राम किशुन, संघन राम, मीनेश पैकरा, सुरेश पन्ना, कमलेश पैकरा, बसंत एवं अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता साथ मौजूद रहे।
फुलझर नाला में पड़ी दरारें विभाग द्वारा कोई मरम्मत नहीं
ककना कल्याणपुर मार्ग पर सीधमा अखोरा से आगे फुलझर नदी पर एक बड़ा पुल बना हुआ है।पिछले 6 महीने से भारी वाहनों और गिट्टी लोड ट्रकों के आवाजाही से इस पुल में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी है स्लैब से छड़ बाहर आ चुका है। पानी भर भर गड्ढे के बीच पुल का एप्रोच भी बह चुका है। इस बार इस पुल से गुजरना खतरनाक होता जा रहा है।साल भर पहले इस पुल से मरम्मत किया गया था, और बस का बैरियर लगाकर भारी ट्रकों का आवा गमन रोका गया था,लेकिन मरम्मत होते ही फिर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। ककना -सीधमा-अखोरा मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा निर्मित है। ककना में बोर्ड लगाकर भारी वाहनों का निषेध दर्शाया गया है, लेकिन आज तक तेज रफ्तार ओवरलोड वाहनों के गुजरने से कोई रोक-टोक नहीं हुआ है। भारी ट्रकों, ट्राला, हाइवा द्वारा आए दिन इस मार्ग में बड़ी दुर्घटनाएं की जा चुकी हैं,जिसमें युवकों की जान भी जा चुकी है। ग्रामीणों को लगातार मांग के बाद भी इस मार्ग में कोई भी मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है। वहीं बेखौफ वाहनों के आवाजाही से ग्रामीण और स्कूली बच्चे भयभीत हैं।



