अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
सरगुजा में पिछले 24 घंटे के भीतर हाथी ने तीन लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया जिससे लोगों में आक्रोश के साथ दहशत का माहौल बना हुआ है। लुण्ड्रा में आतंक मचा रहा हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर पहुंचा है। हाथी धौरपुर से होते हुए लुण्ड्रा, चेंद्रा, उदारी व असकला होते हुए बीती शाम चिरगा पहुंचा था। जहां पिता पुत्री को मौत के घाट उतार लोगों के घरों को तोड़ते हुए रात्रि 11 बजे लुण्ड्रा के रिहायशी बस्ती से होते हुए बस स्टैंड,थाना,स्कूल ग्राउंड होते करांकी पहुंचा जहां उत्पात मचा ग्राम के डडगांव करांकी जंगल की ओर चला गया ।
इस संबंध में प्राप्त जानकारी के मुताबिक, लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिरगा में बीती शाम करीब 7 बजे जंगली हाथी ने रोपा लगाकर लौट रहे राम कोरवा (60 वर्ष) एवं उसकी बेटी प्यारी (35 वर्ष) पुत्री का सामना हो गया। दोनों हाथी के करीब पहुंच गए। दोनों ने भागने की कोशिश की। हाथी ने दोनों को दौड़ाया और पटककर कुचल दिया। घटना में दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना देर रात वनविभाग के अधिकारियों एवं लुण्ड्रा पुलिस को दी गई।
हाथी के हमले में पिता-पुत्री की मौत की खबर मिलने पर श्री अभिषेक जोगावत, वन विभाग के अधिकारियों एवं पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ज्ञात हो कि जहां घटना हुई है, वह दूरस्थ व पहाड़ी बाहुल्य क्षेत्र है । ग्राम में शोक का माहौल है वहीं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है ।
हाथियों से खौफ में सहमे ग्रामीण
लुंडरा इलाके में हालांकि वन विभाग लगातार मॉनीटरिंग कर लोगों को समझाइश दे रही है,किंतु हाथी को क्षेत्र से बाहर खदेड़ने या पकड़ सुरक्षित हाथी कैंप क्षेत्र में भेजने हेतु कोई माकूल व्यवस्था बनाने में नाकाम साबित हो रही है,जिससे शासन प्रशासन के ऊपर भी लोगों का गुस्सा है। केवल मुआवजा देकर जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेना ही उचित नहीं है।उनका कहना है कि पिछले सप्ताह भर से आतंक मचा रहे तथा जान माल की हानि कर रहे हाथियों को तत्काल क्षेत्र से बाहर निकाल हाथी विचरण क्षेत्र में सुरक्षित जगह पर छोड़ने हेतु कोई कारगर उपाय निकला जाए । फिलहाल आला अधिकारी व वन विभाग के कर्मचारी मौके स्थल पर पहुंच शव का पीएम पंचनामा करा परिजनों के सुपुर्द कर दिए हैं ।
(Samachar vani news, ambikapur)



