अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
नेशनल हाईवे 343 पर आज एक सड़क दुर्घटना में राजपुर से आगे भेड़ाघाट और बासेन के बीच में एक नाले पर हुए गंभीर दुर्घटना में एक बोलेरो पुलिया की रेलिंग तोड़ते हुए 15 फीट नीचे जा गिरी, जिससे तातापानी महोत्सव की ओर जा रहे बोलेरो सवार सात व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इनकी सघन चिकित्सा के बाद राजपुर से तीन घायलों को अंबिकापुर रेफर किया गया है। और दो घायलों की राजपुर हॉस्पिटल में चिकित्सा की जा रही है। दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दोपहर 1:30 बजे बगीचा थाना क्षेत्र से एक बोलेरो में सवार सात युवा तातापानी कार्यक्रम देखने बलरामपुर की ओर जा रहे थे। उनकी बोलेरो जैसे ही भेड़ाघाट महान नदी से आगे पहुंची वैसे ही पुल के आगे उबडखाबड़ सड़क में एक गड्ढा होने पर क्षतिग्रस्त सड़क की चपेट में आने से बचने एक तेज रफ्तार कर सामने से आते हुए टकराने को हुई। कार से बचने के चक्कर में बोलेरो चालक ने स्टेयरिंग बाई और मोड दिया, जिससे तेज रफ्तार बोलेरो पुलिया से नीचे गिरी। 15 फिट नीचे गिरने से कई यात्रियों को चोट आई। कुछ यात्रियों के हाथ पैर फैक्चर हो गए हैं और कुछ लोग को सिर में चोटे आई है।गंभीर मरीज विवेक यादव, अंकुश यादव, भीम को अंबिकापुर हॉस्पिटल में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही राजपुर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ रमेश जायसवाल ने तत्काल स्वास्थ्य अमले को सतर्क कर राजपुर से 108 एंबुलेंस को घटनास्थल भेजा और वहां से घायलों की को राजपुर हॉस्पिटल में सघन चिकित्सा प्रारंभ की घायलों को अंबिकापुर भेजा गया जबकि दो घायलों को राजपुर में रखकर चिकित्सा की जा रही है.। राजपुर में बीएमओ डॉक्टर रमेश जायसवाल के निर्देश पर डॉक्टर गोयल ने स्टाफ नर्स की मदद से घायलों की चिकित्सा की ।
जर्ज़र सड़क से बढ़ी दुर्घटना..
राजपुर बलरामपुर के बीच में कई बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है और प्रतिदिन बड़ी दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं।सामने से तेज रफ्तार में हुई।कार के लहराने के कारण ही यह दुर्घटना हुई जब बोलेरो चालक कार को बचाने के चक्कर में नियंत्रण खो बैठा और बोलेरो पुलिया से नीचे 108 एंबुलेंस के टेक्नीशियन संतोष यादव ने पुलिस की मदद से घायलों को एंबुलेंस से लाकर तत्काल
राजपुर अस्पताल में दाखिल कराया। तीन गंभीर घायलों की चिकित्सा अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में की जा रही है।






