“संवाद से संकल्प तक” – मानव तस्करी के खिलाफ भारत सरकार का ऐतिहासिक संकल्प

“संवाद से संकल्प तक” – मानव तस्करी के खिलाफ भारत सरकार का ऐतिहासिक संकल्प

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 नई दिल्ली

(समाचारवाणी न्यूज़)

देश की राजधानी दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी“संवाद से संकल्प तक: फॉर एवरी वुमन एंड चाइल्ड – Bharat @2047 अमृत काल में सशक्तिकरण एवं संरक्षण की भारत की रूपरेखा”ने महिला एवं बाल अधिकारों के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया।

 एटसेक इंडिया (Action Against Trafficking in Sexual Exploitation) के तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी का शुभारंभ माननीय श्री प्रियंक कानूनगो, सदस्य – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत सरकार, के कर-कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ ।इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बाल कल्याण संघ, रांची झारखंड एवं युवा मंथन, नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें देश के 26 राज्यों से आए गैर-सरकारी संगठनों (CSOs) के प्रमुख, नीति विशेषज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “फॉर एवरी वुमन एंड चाइल्ड, विकसित भारत @2047” की परिकल्पना के अनुरूप महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श करना था।



संगोष्ठी में यह भी स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि बदलते डिजिटल युग में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के स्वरूप में तेज़ी से बदलाव आ रहा है।ऑनलाइन तस्करी, साइबर शोषण, भ्रामक विज्ञापन और डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों पर नियंत्रण के लिए मजबूत कानूनी ढांचे, व्यापक जागरूकता अभियान और सशक्त सामुदायिक निगरानी तंत्र की आवश्यकता है।



वक्ताओं ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति जैसी योजनाएँ बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास, सशक्तिकरण और महिलाओं के संरक्षण के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं।यदि सरकार, गैर-सरकारी संगठन और समाज इन योजनाओं के तहत समन्वित प्रयास करें, तो आने वाले वर्षों में भारत को एक सुरक्षित, संवेदनशील और महिला एवं बाल-अनुकूल राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

 संगोष्ठी के दौरान मानव तस्करी, बाल श्रम, बाल विवाह, महिला हिंसा, डिजिटल शोषण और सामाजिक असुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।इन चर्चाओं से निकले निष्कर्षों और देशभर में किए जा रहे प्रयासों का समग्र विवरण आयोजक मंडल की पांच सदस्यीय टीम द्वारा देश के लाखों बच्चों और महिलाओं के उत्थान हेतु तैयार किए गए “DELHI DECLARATION” के माध्यम से माननीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार, सावित्री ठाकुर को सौंपा गया।यह घोषणा-पत्र वर्ष 2047 तक एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है, जिसमें महिलाओं और बच्चों को केंद्र में रखा गया है।DELHI DECLARATION के अवलोकन के बाद माननीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री महिलाओं और बच्चों के मुद्दों को लेकर अत्यंत चिंतित और संवेदनशील हैं। सरकार का प्रयास है कि सभी कल्याणकारी योजनाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें। इस दिशा में यह आयोजन अत्यंत सार्थक सिद्ध हो रहा है।







उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी 9 मार्च को महिलाओं एवं बच्चों के लिए कार्य करने वाले सभी संगठनों के प्रमुख को सम्मानित किया जाएगा। जिससे कि मानव तस्करी जैसी कुरीतियों के खिलाफ इस तरह के संगठन और संवेदनशील हो कर कार्य करें।

"मैं बचपन हूँ.." केंद्रीय मंत्री ने किया पुस्तक विमोचन

 महिला बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार की केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर  द्वारा पुस्तक विमोचन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हम सभी आपके द्वारा दिल्ली संवाद से संकल्प कार्यक्रम में सहयोग करेगे और इन्होंने देश के लिए काम करने वाले सभी लोगों के साथ आगामी बैठक का भी निर्णय लिया!




(Samachar vani news)




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