राजपुर।बलरामपुर
(समाचारवाणी)
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई. छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में आज निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही आर्थिक अनियमितताओं और अभिभावकों के शोषण के विरुद्ध विकासखंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष आदित्य जायसवाल (विभु) के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन में निजी स्कूलों द्वारा हर वर्ष लिए जा रहे अवैध री-एडमिशन शुल्क पर तत्काल रोक लगाने की माँग की गई है। इसके साथ ही, स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर ड्रेस, किताबें और अन्य शिक्षण सामग्री स्कूल के ही निर्धारित काउंटरों से ऊँचे दामों पर खरीदने के लिए बनाए जा रहे दबाव का कड़ा विरोध किया गया है।
आदित्य जायसवाल ने कहा कि:"निजी विद्यालय शिक्षा को व्यापार बना चुके हैं। बाजार से कई गुना अधिक कीमतों पर सामग्री बेचना और हर साल प्रवेश शुल्क के नाम पर अवैध वसूली करना शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।"
7 दिनों का अल्टीमेटम:
एनएसयूआई. ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर इन समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई और अभिभावकों को राहत नहीं मिली, तो संगठन उग्र जिला स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सूर्यकांत (जिला महासचिव), पंकज ठाकुर (जिला उपाध्यक्ष), विशाल, चंद्रप्रकाश, उत्कर्ष, अस्मित, सुरेंद्र, रंजीत एवं अन्य छात्र नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


