अंबिकापुर के होटल पंचानन में नगर के कलाप्रेमियों के बीच गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर गुरुदेव के गीत एवं उनकी जयंती पर आदया बंग समिति के तत्वावधान में गरिमामयी सांस्कृतिक आयोजन संपन्न..
अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
आदयाबंग समिति द्वारा होटल पंचानन में, श्री के एस कथूर, के आतिथ्य में, गुरुदेव के समक्ष दीपप्रज्जवलन से कार्यक्रम का शुभरम्भ हुआ। आदया बंग समिति अंबिकापुर की संस्थापिका सुश्री वन्दना दत्ता ने अपने स्वागत उदबोधन में बताया कि 2013 से आदया द्वारा गुरुदेव की जयंती पर सांस्कृतिक आयोजन कर रहे है।गुरुदेव द्वारा रचित सँगीत विद्या जो रवींद्र सँगीत के नाम से जानी जाती है, जिसके सँगीत नियोजक भी गुरुदेव ही है, गुरुदेव की ही रचना है।
सुश्री वंदना दत्ता ने आगाज़ करते हुए कहा कि..चूल्हे से लेकर अम्बर तक अब उसने परचम लहराया है, हर चुनोती को पार कर अपना हुनर दिखाया है..इसी पंक्ति को सार्थक करती बंग समाज की बहने, आज आपके समक्ष है। सवर्प्रथम सामूहिक स्वर में श्रुति मुखर्जी, लिलि बसु, हेना सेन, आतिशी भटाचार्य, सविता आइच, अनिमा मजूमदार, राखी चक्रवर्ती, पोम मुखर्जी, संगीता मुखर्जी द्वारा हे नुतोन देखा दिक.. की प्रस्तुति दी।बालकलाकार, मान्या गुहा, आये सोखी शोहोचोरी.. ईशिका पाल ने, आमार नोतुन जोऊ बोनेर की शानदार प्रस्तुति दी। नन्ही गायिका शौभिक बसु आलोकरे आई झोरना धारा.. की बेहतरीन प्रस्तुति दी। प्रतीकविश्वास , प्रगति विस्वास ने तोर डाक सुने केऊ ना आशे तोबे एकला चोलो रे.. की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया।
अंकित विस्वास ने रवींद्र सँगीत पर शानदार नृत्य किया।संचिता धर ने आमार सोनार होरीन चाई.. और भानु प्रकाश मुखर्जी , सुजाता पॉल ने भी रवींद्र सँगीत की मधुर प्रस्तुति दी।एकांकी दीन दान पर एकल अभिनय सुप्रियो मुखर्जी की शानदार प्रस्तुति रही।निर्देशन और नेपथ्य पर अनामिका वर्मा चक्रवर्ती ने बहुत अच्छी प्रस्तुति दी।इसी क्रम में बालकलाकारों की माताओ में पोम मुखर्जी, राखी चक्रवर्ती, वर्षा गुहा, मृदु छाया गुहा, ने ऐशो हे बोइशाख ऐशो ऐशो.. पर शानदार सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।
आदया की बहनो ने "आमार बेला जे जाए सांझ बेला ते.". की सामूहिक प्रस्तुति दी। सँगीत में भानु शंकर झा, नीरज शुक्ला ने संगत किया।कार्यक्रम का सफल संचालन अनामिका चक्रवर्ती ने किया।अतिथि श्री कथूर ने प्रतिवर्ष इस आयोजन की प्रसंशा की एव सुझाव दिया कि वसंत उत्सव भी किया जाए।श्री कथूर एवं श्री किशोर मित्रा के द्वारा प्रतिभागियों को ट्रॉफी एव आर्थिक सहयोग किया गया।उन्होंने कार्यक्रम को अपनी गरिमामय उपस्थिति से सफल बनाया,एवं मंगल पांडे, अभय तिवारी, राजनारायण द्विवेदी, हरिशंकर सिह, जयप्रकाश चौबे की उपस्थिति में पुरस्कार वितरण संपन्न हुआ।
इस आयोजन में सन्ध्या सिह , सन्तोष पांडे , जया तिवारी, नीलिमा गौयल, जयन्ति तिवारी, मंजू जायसवल, अलका इंगोले, चेतना मुंजे, श्रद्धा खेरपाण्डे,अधिवक्ता जयेश वर्मा, रंगमंच के कलाकार प्रणव चक्रवर्ती, पाखी, पल्लव चक्रवर्ती, दिलीप विश्वास , निरंजन विश्वास , कृष्ण कुमार त्रिपाठी, प्रकाश कश्यप, कलाकार नासिर खान, कृष्णनंद तिवारी, पद्मनाभ शर्मा, सुदीप्तो मुखर्जी, एन के आइच जयंत खानवलकर, आशीष चाकी, भोला रंजन सेन, रंजन खेर पांडे, शिवानी घोष, ज्योत्स्ना प्लोरकर, रंजन खेरपाण्डे, रंगमंच, हिना परवीन, इला विस्वास, लक्ष्मी विश्वास , सुष्मिता बसु,मौजूद रहीं।कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन तृप्ति चाकी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय सहयोग हेतु बानी मुखर्जी, तनुश्री मिश्रा, सुनंदा साहू, च्यती अग्रवल, रींना पॉल, अंजू सरकार, स्मिता बोस, कोनिका मुखर्जी, बबिता विस्वास, तृप्ति चाकी मोनिका मुखर्जी , शिप्रा सिन्हा एव पंचानन प्रबधन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।अतिथियो एवं आदया द्वारा विगत कई वर्षों से स्थानीय कला केंद्र को रवीन्द्रकला केंद्र के नामकरण हेतु पुनः निगम को आवेंदन देने की सहमति दी गई।स्वल्पाहार के साथ सबने झालमुडी का भी आनंद लिया।
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Editor -S. tiwari Samachar Vani News.ambikapur |













