अपनी नीतिगत विफलताओं को छुपाने के लिए जनता पर जिम्मेदारियों का बोझ डाल रहा है केंद्र :शफ़ी अहमद

अपनी नीतिगत विफलताओं को छुपाने के लिए जनता पर जिम्मेदारियों का बोझ डाल रहा है केंद्र :शफ़ी अहमद

samacharvani.com
0

 




 बलरामपुर

(समाचारवाणी) 

 बलरामपुर जिला कांग्रेस की प्रेस वार्ता में जिले के प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शफी अहमद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपनी नीतिगत विफलताओं को छुपाने के लिए जनता पर जिम्मेदारियों का बोझ डाल रहे हैं और त्याग की अपील कर रहे हैं, जबकि देश की मौजूदा आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के लिए केंद्र सरकार स्वयं जिम्मेदार है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शफी अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री को देशवासियों को यह बताना चाहिए कि देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति कैसे बनी और इससे बाहर निकलने के लिए सरकार के पास क्या ठोस रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की आशंका फरवरी माह से ही स्पष्ट थी, बावजूद इसके केंद्र सरकार ने दो महीने तक संकट से निपटने के लिए कोई प्रभावी तैयारी नहीं की। इसके बजाय प्रधानमंत्री पांच राज्यों के चुनाव प्रचार और बड़ी-बड़ी रैलियों में व्यस्त रहे।


उन्होंने कहा कि अब जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सोना न खरीदने और किसानों से उर्वरक का उपयोग आधा करने की अपील की जा रही है, जबकि सरकार यह नहीं बता रही कि अधूरी खाद के सहारे किसान उत्पादन कैसे करेंगे और देश की खाद्य सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। शफी अहमद ने कहा कि दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री विपक्ष पर जनता का मंगलसूत्र छीनने का आरोप लगाते थे, लेकिन आज स्वयं सोना न खरीदने की सलाह दे रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में कच्चे तेल के भंडारण के लिए एक भी नया केंद्र स्थापित नहीं किया, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में तीन रणनीतिक क्रूड ऑयल भंडारण केंद्र बनाए गए थे, जिनकी वजह से आज भी हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नहीं हुए हैं। उन्होंने इसे दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण बताया।

शफी अहमद ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के समय डॉलर के मुकाबले रुपया 56 रुपये था, जबकि आज यह लगभग 96 रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता पहले रुपये की गिरावट पर सवाल उठाते थे, आज महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन पर मौन हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में आटा, दाल, चावल, तेल सहित घरेलू जरूरतों की वस्तुओं की कीमतें दोगुने से अधिक बढ़ चुकी हैं, जिससे आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री की वर्क फ्रॉम होम संबंधी अपील को भी अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि देश का बड़ा तबका गिग वर्कर, फेरीवाला, सेल्समैन और छोटे व्यापारियों का है, जिनका रोजगार बाजार और फील्ड पर निर्भर करता है। ऐसे में इस तरह की अपील उनके रोजगार पर सीधा प्रहार है।

शफी अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता को विदेश यात्रा कम करने की सलाह देते हैं, जबकि स्वयं लगातार विदेशी दौरों पर रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी, जीएसटी और लॉकडाउन जैसे फैसलों ने पहले ही भारतीय व्यापार और अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ दी है। आज देश की बड़ी आबादी कर्ज और महंगाई के बोझ तले दब चुकी है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपने पूंजीपति मित्रों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए, जबकि आम जनता को कर्ज और महंगाई के दलदल में धकेल दिया। उन्होंने दावा किया कि आज 80 करोड़ लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं, जो सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता को दर्शाता है।

शफी अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री को जनता से त्याग की अपील करने से पहले स्वयं सादगी और जवाबदेही का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में सोने की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और अब देश की बहुसंख्यक जनता की पहुंच से सोना बाहर हो चुका है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां आमजन विरोधी हैं और देश की आर्थिक संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। कांग्रेस पार्टी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जिला अध्यक्ष हरिहर यादव, पूर्व विधायक डॉ प्रीतम राम,पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, उपाध्यक्ष सुनील सिंह, सुनील गुप्ता,राजेंद्र भगत,लालसाय मिंज,जितेंद्र गुप्ता,दोमनिक एक्का, संजीत चौबे विश्वजीत सिंहदेव ब्लॉक अध्यक्ष समीर सिंहदेव, सत्येंद्र पांडेय बृजेश मिश्रा, राम बिहारी यादव, विभु जायसवाल, बुद्धदेव पोया संतन भगत,अमित यादव, सहित अन्य कांग्रेस जन उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)