इमली के पेड़ के नीचे लगी जनचौपाल, बलरामपुर कलेक्टर श्रीमति चंदन संजय त्रिपाठी ने ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं

इमली के पेड़ के नीचे लगी जनचौपाल, बलरामपुर कलेक्टर श्रीमति चंदन संजय त्रिपाठी ने ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं

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 बलरामपुर जिले में कुसमी के दूरस्थ पहाड़ी कोरवा ग्राम सूपढाका में पहाड़ी कोरवा परिवारों के बीच पहुंचीं कलेक्टर, किया आत्मीय संवाद..


  • इमली के पेड़ नीचे लगी जनचौपाल, ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं.
  • जल संरक्षण के लिए खुद उठाया फावड़ा, ग्रामीणों के साथ किया श्रमदान.
  • बाल विवाह नहीं बेटियों की शिक्षा बने प्राथमिकता - कलेक्टर.



बलरामपुर। कुसमी 

(समाचारवाणी) 

 सूपढाका में इमली के पेड़ के नीचे लगी चौपाल, प्रशासन और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के बीच संवाद, विश्वास और संवेदनशीलता का सजीव उदाहरण बन गई। इस दौरान पहली बार अपने बीच कलेक्टर को पाकर ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों से कलेक्टर का आत्मीय स्वागत किया तो वहीं कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने आत्मीयता से ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी, बच्चों के सपनों को समझा, महिलाओं से शिक्षा और आजीविका पर चर्चा की तथा जल संरक्षण के लिए स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान भी किया। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में आयोजित यह पहल शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा समाज के सबसे वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रशासनिक संकल्प को प्रतिबिंबित करती नजर आई।





योजनाओं की पहुंच का लिया जायजा

विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस चौपाल में कलेक्टर ने ग्रामीणों से बिजली, पेयजल, राशन वितरण, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, संस्थागत प्रसव एवं अन्य शासकीय योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न हो। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के जरूरी दस्तावेज नहीं बने हैं, उनके लिए विशेष शिविर लगाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लाभ दें।

कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं की जानकारी लेते हुए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने महिलाओं से समय पर पंजीयन कराने की अपील करते हुए अधिकारियों को सभी पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने योजना से मिलने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गांव के अधिक से अधिक घरों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रत्येक परिवार सौर ऊर्जा का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि इससे बिजली खर्च में कमी आएगी, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।



मितानिन कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने दवा किट का अवलोकन किया तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि पहुंचविहीन क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करें तथा मितानिनों के पास आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरतमंद ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

ग्रामीणों ने चौपाल में प्राथमिक शाला भवन की जर्जर स्थिति की समस्या भी रखी। इस पर कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांग शासन तक पहुंचाई जाएगी तथा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी।



बेटा-बेटी दोनों समान, शिक्षा को बनाएं सबसे बड़ी ताकत

महिलाओं एवं अभिभावकों से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लड़का हो या लड़की, सभी बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने तथा बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटियां परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। महिला सरपंच का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं और गांव की बेटियां भी आगे चलकर बड़े पदों तक पहुंच सकती हैं।

स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनकी आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वे दुकान संचालन, सूकर पालन एवं बकरी पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। कलेक्टर ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इस दौरान उन्होंने किसानों से भी चर्चा कर क्षेत्र में ली जाने वाली प्रमुख फसलों तथा कृषि से होने वाली आय की जानकारी प्राप्त की और विभागीय योजनाओं का लाभ लेकर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।




जल संचय हेतु ग्रामीणों को किया प्रेरित

चौपाल के बाद कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर 5 प्रतिशत मॉडल स्ट्रक्चर के निर्माण कार्य में श्रमदान किया। उन्होंने स्वयं फावड़ा चलाकर ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया और वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने का संदेश दिया। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण ग्रामीण समृद्धि तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर को अपने बीच श्रमदान करते देख ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक निर्माण कार्य में भागीदारी निभाई। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने-अपने खेतों में भी 5 प्रतिशत मॉडल स्ट्रक्चर का निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण के प्रयासों से जुड़ने की बात कही। कलेक्टर ने इसे जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि जल संरक्षण तभी सफल होगा जब प्रत्येक व्यक्ति इसमें अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे।

छोटी-सी आंखों में बड़े सपने, बच्चियों ने बताया अपना लक्ष्य

चौपाल के दौरान कलेक्टर ने गांव के बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों के बारे में पूछा। इस दौरान बच्चियों ने शिक्षक, नर्स एवं डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों के सपने सुनकर कलेक्टर ने उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि शिक्षा, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए प्ररित किया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

जब कलेक्टर ने पूछा - ट्रायसाइकिल मिली या नहीं?

चौपाल के दौरान कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की नजर मौजूद दिव्यांग हितग्राही मंगरु पर पड़ी। उन्होंने मंगरु से आत्मीयता से चर्चा करते हुए उसका हालचाल जाना और पूछा कि उसे ट्रायसाइकिल मिली है या नहीं। इस पर मंगरु ने बताया कि उसे अब तक ट्रायसाइकिल प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उसे शीघ्र ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं तथा आवश्यक सहायक उपकरणों का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित करें। साथ ही पेंशनधारियों को नियमित एवं समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।


Samachar vani news ambikapur 

Editor -Sushma surendra tiwari 

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