- बायोमेट्रिक अपडेट एवं अपार आईडी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश.
- ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः प्रवेश पर विशेष जोर.
बलरामपुर
(समाचारवाणी)
कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने आगामी शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन एवं शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने नए सत्र के प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घर-घर सर्वे एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र विद्यार्थी बायोमेट्रिक अपडेट से वंचित न रहे, ताकि उन्हें विभिन्न शासकीय लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत अपार आईडी निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा आधार अपडेट और अपार कार्यों कि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या अथवा बाधा हो तो तत्काल उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाए ताकि त्वरित निराकरण किया जा सके। कलेक्टर ने आधार अपडेट और अपार आईडी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने स्कूली छात्र-छात्राओं के आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराना जरूरी है।
बैठक में कलेक्टर ने ड्राप आउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि ऐसे बच्चों एवं उनके पालकों से सीधे संवाद कर उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न हो यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने आगामी सत्र में परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए उन्होंने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों पर भी फोकस करने को कहा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित शैक्षणिक मॉनिटरिंग और सतत मूल्यांकन आवश्यक है।
कलेक्टर ने आगामी सत्रों में विद्यालयों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण एवं पर्यावरण संरक्षण की व्यवहारिक जानकारी देने की बात कही। उन्होंने जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन अभियान की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा उन्हें जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए, ताकि भावी पीढ़ी में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखे बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक, पर्यावरणीय एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए नए शैक्षणिक सत्र को सफल बनाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री मनीराम यादव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी उपस्थित थे।




