- डोर-टू-डोर सर्वे कर सुनिश्चित करें सुरक्षित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य.
- गर्भवती महिलाओं की पहचान कर समयबद्ध एएनसी जांच कराने के दिए निर्देश..
बलरामपुर
(समाचारवाणी)
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के गतिविधियों तथा स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन पूर्ण कर्त्तव्यनिष्ठा, सजगता एवं गंभीरता के साथ करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रज्ञा नायक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को निर्धारित समय एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध कराएं। उन्होंने रेफरल प्रकरणों की संख्यात्मक जानकारी लेते हुए कहा कि जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हुए अनावश्यक रेफरल प्रकरणों में कमी लायें।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल कार्यालयीन समीक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का नियमित परीक्षण करें। उन्होंने दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ डोर-टू-डोर सर्वे कर प्रत्येक गर्भवती महिला की पहचान एवं जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि एएनसी जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग, समय पर उपचार, पौष्टिक आहार, टीएचआर वितरण एवं शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। उन्होंने सभी बीपीएम को मितानिनों को आवश्यक कीट एवं स्वास्थ्य सामग्री समय पर उपलब्ध कराने को कहा ताकि समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।
बैठक में कलेक्टर ने 100 दिवसीय टीबी अभियान की समीक्षा करते हुए अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।





