अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती नहीं तो बढ़ेंगे ऐसे जघन्य अपराध, रेत माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए सरकार:ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन

अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती नहीं तो बढ़ेंगे ऐसे जघन्य अपराध, रेत माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए सरकार:ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन

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रेत के अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लगी, तो कानून-व्यवस्था पर बढ़ेगा संकट..



कोरिया।अंबिकापुर

 (समाचारवाणी) 

कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुए जघन्य तिहरे हत्याकांड पर ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। एसोसिएशन का मानना है कि प्रारंभिक जांच में विवाद का संबंध अवैध रेत उत्खनन से सामने आना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि अवैध रेत खनन अब केवल राजस्व हानि का विषय नहीं रह गया, बल्कि कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।

एसोसिएशन का कहना है कि सरगुजा संभाग के कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, सरगुजा एवं जशपुर जिलों में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। समय-समय पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने के बावजूद अवैध कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। ऐसे में अब पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध कठोर एवं निरंतर अभियान चलाया जाना आवश्यक है।

ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन के सरगुजा संभाग अध्यक्ष अभिषेक कुमार सोनी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग की है कि प्रदेश, विशेषकर सरगुजा संभाग में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर रेत माफियाओं के पूरे नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें संरक्षण देने वाले व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

एसोसिएशन ने जिला प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों तथा पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष विवेचना और पूरे षड्यंत्र का खुलासा होना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे। प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।

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